कोल इंडिया पर भारी पड़ी कामगारों की हड़ताल, उत्‍पादन में 17 एमटी की गिरावट

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । कॉमर्शियल माइनिंग के खिलाफ कामगारों की तीन दिवसीय हड़ताल कोल इंडिया पर भारी पड़ी। पिछले साल की तुलना में चालू वित्‍तीय के पहले चार माह में कोयला उत्‍पादन में करीब 17.09 मिलियन टन (एमटी) की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले साल कंपनी ने इस अवधि में 175.46 एमटी उत्‍पादन किया था। इस वर्ष इसी अवधि में 158.37 एमटी ही उत्‍पादन हो सका है।

सबसे अधिक सीसीएल प्रभावित

कोल इंडिया के आंकड़ों के मुताबिक उत्‍पादन में सबसे अधिक प्रभावित सीसीएल हुआ है। यहां उत्‍पादन में 24.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। इसके बाद बीसीसीएल का उत्‍पादन 21.3, एसईसीएल का 17.6, इसीएल का 15.2 गिरा। एक मात्र एनसीएल ने उत्‍पादन में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने 0.8 फीसदी अधिक उत्‍पादन किया है।

जुलाई में इसीएल सबसे पीछे

जुलाई महीने में इसीएल उत्‍पादन करने में सबसे फीसड्डी रही। पिछले साल की तुलना में कंपनी ने 23.2 प्रतिशत कम कोयले का उत्‍पादन किया है। इसके बाद सीसीएल ने 18.1, एसइसीएल ने 8.7, डब्‍ल्‍यूसीएल ने 8.6 फीसदी कम उत्‍पादन किया है। मात्र दो कोयला कंपनी ने लक्ष्‍य से अधिक उत्‍पादन की है। एमसीएल ने 16.6 फीसदी और एनसीएल ने 0.3 प्रतिशत की बढ़ोत्‍तरी दर्ज की है।

तीन दिन हड़ताल

केंद्र सरकार के कॉमर्शियल माइनिंग को इजाजत देने के विरोध में कोयला कामगारों ने 2 से 4 जुलाई तक हड़ताल पर थे। इसके कारण मुख्‍यालय से लेकर खदानों तक कामकाज बुरी तरह प्रभावित हुआ था। तीन दिनों की हड़ताल में करीब 56 फीसदी उत्‍पादन प्रभावित हुआ था। ट्रेड यूनियनों ने 18 अगस्‍त को फिर से हड़ताल का आह्वान किया है।

अप्रैल से जुलाई, 2020 तक कंपनीवार उत्‍पादन (एमटी में)

 

कंपनी इस साल पिछले साल
इसीएल 12.58 14.83
बीसीसीएल 6.41 8.14
सीसीएल 11.66 15.45
एनसीएल 35.01 34.73
डब्‍ल्‍यूसीएल 12.41 14.09
एसइसीएल 36.97 44.65
एमसीएल 43.48 43.50

 

(नोट : आंकड़े कोल इंडिया के हैं)

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