केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्कूल खोलने पर अभिभावकों से मांगे feedback, आज ही कराये अवगत

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (शिक्षा मंत्रालय) ने स्‍कूल खोलने को लेकर अभिभावकों से फीडबैक मांगे हैं। इसमें अभिभावकों जानने का प्रयास किया गया है कि वे किस माह स्‍कूल खोलने पर सहज महसूस करेंगे। अगस्‍त, सितंबर या अक्‍टूबर में। स्‍कूल के पुन: खुलने पर अभिभावकों की क्‍या अपेक्षाएं होगी। इसके अलावा भी कोई अन्‍य सुझाव हो तो वे दे सकते हैं। यह सुझाव 20 जुलाई तक ही देना है। ऐसे में अभिभावक बिना देर किये नीचे दिये मेल पर अपना सुझाव भेजे, ताकि सरकार कोरोना संकट में स्‍कूल खोलने या बंद रखने के संबंध में उपयुक्‍त निर्णय ले सके।

झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन ने अपना सुझाव देते हुए कहा कि झारखंड सहित देश स्तर पर कोरोना संक्रमण की संख्‍या लगातार बढ़ रही है। प्रभावित होते लोगों को देखते हुए स्कूल खोले जाने की कल्पना कर पाना  काफी मुश्किल प्रतीत होता है। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र की वर्तमान स्थिति और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर  स्पष्ट मानना है कि स्कूलों के खुलने पर यह सुरक्षित दूरी बनीं नहीं रह सकती है। इसके कारण बच्चों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा। जीवन की शर्त पर अपने बच्चों को स्कूलों में  ‘कोरोना के साथ’ पढ़ने के लिए नहीं भेजा जा सकता है।

स्कूलों में बच्चों के आने के बाद उनके बीच सोशल/फिजिकल दूरी को बनाये रखने के लिए किये जाने वाले हर तरह के प्रयास अपने अंतिम परिणाम में स्कूल को एक ‘जेल’ में ही बदलने वाले साबित होंगे। अपने स्कूल में ही छात्र अपने साथियों से नैसर्गिक-सहज व्यवहार नहीं करने के लिए बुरी तरह मजबूर होगा। स्कूल में  एक रोबोट की तरह व्यवहार करने के बाद भी हमारे बच्चे कोरोना के खतरे से बच नहीं सकते हैं।

इस संबंध में डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट भी  देखी जा सकती है कि संक्रमण किस तरीके से बढ़ रहा है। अक्टूबर-नवंबर तक इसके हालात क्या होंगे। इसलिए जब तक हालात सामान्य नहीं होते और वैक्सीन नहीं आ जाती, तब तक स्कूल नहीं खोले जाए। साथ ही, 2020-2021 सत्र को जीरो ईयर घोषित कर बच्चों को अगली क्लास में प्रमोट किया जाय। इस पूरे सत्र में स्कूलों की ऑनलाइन पढ़ाई बंद कराकर एमएचआरडी द्वारा चैनल के माध्यम से शुरू की गई क्लास 1 से 12 तक की पढ़ाई में सीबीएसई/आईसीएसई/ स्टेट बोर्ड के लिए स्लॉट निर्धारित की जाए। बच्‍चों को इसी माध्‍यम से पढ़ाया जाए।

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