वर्तमान परिस्थिति में रचनात्‍मक कार्य करने की कोशिश करें : डॉ सेंगर

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  • डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में राष्‍ट्रीय बेविनार का आयोजन

दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । रिनपास के नैदानिक मनोविज्ञान विभाग के अपर प्राध्यापक डॉ केएस सेंगर ने कहा कि तनाव हमारे आंतरिक नकारात्मक सोच, डर, भय के कारण उत्पन्न हो रहे हैं। हम सभी इससे काफी तनावग्रस्‍त हो रहे हें। कहीं ना कहीं कोविड-19 देश के प्रति बहुत ज्यादा प्रतिक्रिया कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले तनाव उत्पन्न करने वाले विभिन्न प्रकार के कारकों की पहचान करने की जरूरत है। उसके बाद उस कारक को असंवेदनशील करने के लिए खुद प्रयास करें। जरूरत पड़ने पर किसी पेशेवर साइकोलॉजिस्ट की मदद लें। वे रांची स्थित डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग के तत्वावधान में 26 जुलाई को आयोजित राष्ट्रीय वेबीनार में मुख्‍य वक्‍ता के तौर पर बोल रहे थे। इसका विषय ‘कोविड-19 एवं तनाव प्रबंधन’ था।

डॉ सेंगर ने कहा कि जिस चीज से आपको चिंता होती है, उसकी अनदेखी करें। उसकी जगह पर अपनी रूचि की चीजों को करें। उन्होंने कहा कि यह परिस्थितियां स्थाई नहीं है। इसे स्वीकार करना सीखें। सकारात्मक सोच रखें। इसे एक अवसर के रूप में देखें। कुछ रचनात्मक कार्य करने की कोशिश करें।

कुलपति डॉ सत्यनारायण मुंडा ने कहा कि कोविड-19 आज पूरे विश्व में महामारी का रूप ले चुका है। इससे हम सभी को एक सकारात्मक चुनौती के रूप में लेने की जरूरत है। डरने की जरूरत नहीं है, बल्कि ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। तभी हम सभी इससे लड़ पाएंगे। अपने आपको बचा पाएंगे।

बेविनार की शुरुआत स्नातकोत्तर मनोविज्ञान विभाग की अध्यक्ष डॉ मीनाक्षी कुजूर ने किया। संचालन डॉक्टर प्रकाश उरांव और डॉक्टर तेतरा कुमार (क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट) ने किया। धन्यवाद एमसीए विभाग के अध्यक्ष इंद्रजीत साहू ने किया। इसमें 75 प्रतिभागियों ने भाग लिया। वेबीनार के कन्वीनर संकाय के अध्‍यक्ष डॉ दिनेश तिर्की थे।

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