पलामू मेडिकल कॉलेज में स्थापित हुई अत्‍याधुनिक प्रयोगशाला, रोजाना डेढ़ हजार तक होगी जांच

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि कोरोना संक्रमण के हालात को देखते हुए राज्य सरकार संक्रमण के शुरुआती दिन से ही तेज गति से काम करना प्रारंभ किया है। संक्रमण के शुरुआती दौर में लगभग 20 से 25 दिन हमें कोविड-19 टेस्ट के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहना पड़ा था। राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए राज्य में शीघ्र ही 3 प्रयोगशाला स्थापित कर जांच कार्य प्रारंभ की। कोविड-19 की जांच युद्ध स्तर पर किया जाना अति आवश्यक है। इस निमित्त आज राज्य सरकार द्वारा पलामू में भी एक बायोसेफ्टी लेवल के एक प्रयोगशाला का शुभारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि यह प्रयोगशाला पलामू एवं आस-पास क्षेत्र के लोगों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। वे 29 जुलाई को पलामू मेडिकल कॉलेज में नवनिर्मित VIROLOGY और कोविड-19 प्रयोगशाला का ऑनलाइन उद्घाटन के क्रम में बोल रहे थे।

संताल परगना में भी प्रयोगशाला शीघ्र

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल्द ही संताल परगना में भी एक अत्याधुनिक कोविड-19 जांच प्रयोगशाला का शुभारंभ किया जाएगा। इसकी पूरी तैयारी कर ली गई है। राज्यवासियों को बेहतर स्वास्थ्य चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वर्तमान समय में स्वास्थ्य चिकित्सा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़ी चुनौती बन सकती है। पूरी तत्परता के साथ लोगों को स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध हो इस पर हमें निरंतर कार्य करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रयोगशाला कम होने के कारण रिम्स इत्यादि जगहों पर सैंपल जांच के लिए काफी भीड़ होती है। जैसे-जैसे प्रयोगशालाओं का दायरा बढ़ेगा, लोगों को उन्हीं के क्षेत्र में जांच रिपोर्ट मिलेगी। रिम्स अथवा अन्य जगहों के प्रयोगशालाओं पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

प्रत्येक जिले में ट्रूनेट मशीन की उपलब्धता

श्री सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा वर्तमान समय में कोविड-19 की तत्काल जांच के लिए ट्रूनेट मशीन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ट्रूनेट मशीन का दायरा बढ़ाकर प्रखंड स्तर में भी जांच सुविधा उपलब्ध कराने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के इस दौर में बंदी का माहौल है फिर भी राज्य सरकार द्वारा पलामू में भव्य प्रयोगशाला स्थापित करना एक चुनौती थी। उन्होंने कहा कि यह अत्याधुनिक प्रयोगशाला पलामू मेडिकल कॉलेज को सुपुर्द किया गया है। उन्होंने कहा कि इस प्रयोगशाला के संचालन में कभी भी सरकार के सहयोग की जरूरत पड़े तो सरकार सहयोग देने के लिए कटिबद्ध है।

कई स्तर पर परमिशन की आवश्यकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 जांच प्रयोगशाला के संचालन के लिए गाइडलाइन के अनुसार कई स्तर पर परमिशन की आवश्यकता पड़ती है। राज्य सरकार गाइडलाइन के अनुसार सभी प्रक्रिया को पूरा कर प्रयोगशाला स्थापित करने के लिए निरंतर कार्यरत है। पलामू में शुरू हुए कोविड-19 जांच प्रयोगशाला का उद्घाटन करने में सशरीर उपस्थित नहीं हो सकी, इसका मुझे दु:ख है, पर इस बात की खुशी है कि इस प्रयोगशाला का विधिवत शुभारंभ आज हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 का कोई वैक्सीन या दवा उपलब्ध नहीं हो सकी है। इस संक्रमण से बचने का एक ही तरीका है कि स्वयं खुद का ख्याल रखें। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सेल्फ क्‍वारंटाइन एवं आइसोलेशन में रखकर हम इस संक्रमण से लड़ सकते हैं।

संक्रमण पर झारखंड ने किया अच्छा काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जैसे ही नई सरकार बनी, सरकार ठीक तरह से स्थापित भी नहीं हो पाई थी और हम कोरोना संक्रमण के मक्कड़जाल में फंस गए। कोरोना संक्रमण राज्य में बड़ी चुनौती थी। यह चुनौती वर्तमान समय में पता भी चल रहा है। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के साथ संक्रमण के हर पहलुओं पर निरंतर नजर रखा गया। यही वजह है कि अन्य पड़ोसी राज्यों के मुकाबले आज हम संक्रमण को नियंत्रित करने में अच्छा कार्य कर पा रहे हैं। राज्य सरकार की सजगता और बेहतर प्रबंधन का उदाहरण आज दिख रहा है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्य किस तरह संक्रमण की चुनौती से घिरे पड़े हैं। यह देखने को मिल रहा है।

सभी दिशाओं में आगे बढ़ रही है सरकार

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार हर दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग के क्षेत्र में गंभीरता दिखायी है। उन्होंने कहा कि आज का दिन गौरव का दिन है। कोविड-19 जांच के लिए पलामू मेडिकल कॉलेज में नए प्रयोगशाला का उद्घाटन हो रहा है। राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय बनाकर कार्य कर रही है।

DIAGNOSTIC LAB की महत्वपूर्ण बातें

पलामू चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल (PMCH) पोखराहा, मेदिनीनगर में स्थापित है। एम्स रायपुर के मार्गदर्शन से PREJHA Foundation द्वारा ICMR की गाइडलाइन के अनुरूप इसे तैयार किया गया है। 1500 स्क्वायर मीटर में स्थापित इस लैब में प्रतिदिन 1000 से 1500 सैंपल की जांच होगी। यह लैब 45 दिनों में बनकर तैयार हुआ है। यह बायोसेफ्टी लैबल-2 (BSL-2) लैब है, जो निगेटिव प्रेशर के साथ है। इसमें RTPCR (रिवर्स ट्रासक्रिप्शन पॉलीमरेस चेन रियेक्शन) के दो मशीन हैं। इसमें टाइप-2, ए-2 का 3 बायोसेफ्टी कैबिनेट लगे हैं। इसके अलावा अन्य तकनीकी उपकरण लगाये गये हैं, जिसके माध्यम से कम समय में ज्यादा जांच संभव हो सकेगा। लैब के संचालन होने से समय की बचत होगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर कोरोना संक्रमित व्यक्तियों का त्वरित इलाज संभव हो सकेगा। कोरोना जांच के लिए स्थापित लैब अत्याधुनिक है। इस लैब में कोरोना का टेस्ट अत्याधुनिक तकनीक से किया जाएगा। लैब पूरी तरह से सुरक्षित है।

ये भी थे मौजूद

इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ नितिन मदन कुलकर्णी उपस्थित थे। वहीं कार्यक्रम स्थल पलामू से छतरपुर विधायक श्रीमती पुष्पा देवी, डीआईजी आरके लकड़ा, उपायुक्त शशि रंजन, पुलिस अधीक्षक अजय लिंडा, पीएमसीएच के प्राचार्य डॉ जे शरण प्रसाद, अधीक्षक डॉ केएन सिंह, सिविल सर्जन पलामू डॉ जॉन एफ कैनेडी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी ऑनलाइन उपस्थित थे।

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