बैठक चल रही थी, बीच में ग्रामीणों ने तोड़ी चहारदीवारी, मकान और स्टोर रूम

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । राजधानी से सटे कांके रोड स्थित चौड़ी बस्ती में आदिवासियों के सामाजिक और धार्मिक व्यवस्था की जमीन को बचाने के को लेकर आवश्यक बैठक रविवार को हुई। इसमें केन्द्रीय सरना समिति रांची अजय तिर्की गुट, आदिवासी जन परिषद, राजी पड़हा सरना प्रार्थना सभा, जय आदिवासी केंद्रीय परिषद, सरना समिति कांके क्षेत्र, आदिवासी सेना, झारखंड क्षेत्रीय पड़हा समिति, आदिवासी छात्र मोर्चा, आदिवासी लोहरा समाज के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक में चौड़ी बस्ती गांव के भी महिला पुरुषों ने हिस्सा लिया।

मौके पर चौड़ी बस्ती गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पईनभोरा विष्णु मुंडा, पहान राजेश गाड़ी उर्फ राजेश पहान ने गैरमजूरूआ, पहनई, भूईहरी जमीन को भू माफियाओं के हाथों बेच दिया है। इसका खेवट संख्या 3/7 खाता संख्या 73 प्लॉट संख्या 13 रकबा 82 डिसमिल है। इस जमीन को समूचे गांव के लोगों ने आदिवासी परंपरा के अनुसार गांव में पूजा पाठ करने के लिए पहान को दिया था। पाहन इस जमीन को जीविकोपार्जन के लिए खेतीबारी कर उपयोग में ला सकते थे।

हालांकि गांव के लोगों के साथ छलावा कर इसने भू माफिया के हाथों बेच दिया। इस जमीन पर इन लोगों ने चहारदीवारी कर दी है। कई मकान भी बना लिए हैं। इसके बाद सभी ने निर्णय लिया कि निर्माणाधीन मकान और चहारदीवारी को तोड़कर कब्जे से मुक्त कराया जाए। विष्णु मुंडा और राजेश गाड़ी को गांव के पदों से मुक्त कर नए पाहन और पईनभोरा की नियुक्ति की जाए। सभी ने संकल्प लिया कि सामाजिक और धार्मिक जमीन को भू माफियाओं से बचाया जाएगा। खरीद बिक्री करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक चल ही रही थी कि ग्रामीणों महिला पुरुषों ने निर्माणाधीन चाहरदिवारी, तीन मकानों में बने स्टोर रूम और निर्माणाधीन मकान के हिस्से को ध्वस्त कर दिया। इनके दरवाजे खिड़की और छप्पर उजाड़ कर आग के हवाले कर दिया। जमीनों पर सरना झंडा को स्थापित किया।

बैठक में कांके थाना के पुलिस पदाधिकारी भी को भी बुलाया गया। पुलिस पदाधिकारी ने आदिवासियों के निर्णय पर हर संभव कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। आदिवासी नेताओं ने कांके थाना पुलिस को कहा कि पूर्व में किशुन गाड़ी द्वारा दिए गए आवेदन पर भी कार्रवाई करें।

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