नाबार्ड के स्‍थापना दिवस पर पुरस्‍कृत किए गए बेहतर काम करने वाले एसएचजी

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । नाबार्ड के 38वें स्थापना दिवस के अवसर पर झारखंड क्षेत्रीय कार्यालय ने 15 जुलाई को होटल बीएनआर चाणक्य में राज्य स्तरीय एसएचजी पुरस्कार समारोह का आयोजन किया। मुख्‍य अतिथि राज्यपाल श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने कार्यक्रम का उदघाटन किया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि नाबार्ड से ग्रामीण गरीबों को समृद्ध करने के लिए और कदम उठाए। उन्‍होंने वित्तीय समावेशन पर हस्तक्षेप के लिए, ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाने, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, ग्रामीण बुनियादी ढांचा और संस्थागत समर्थन के लिए नाबार्ड की प्रसंशा की।

रामगढ़, सरायकेला, पूर्वी सिंहभूम के एसएचजी सदस्यों और ई शक्ति लागू जिलों के एनिमेटरों को सम्मानित किया गया। विभिन्न बैंकों (जेआरजीबी, बैंक ऑफ इंडिया, एचडीएफसी और बंधन बैंकों) को एसएचजी/जेएलजी बैंक लिंकेज कार्यक्रम में बेहतर कार्य के लिए पुरष्कृत किया गया।

नाबार्ड के मुख्‍य महाप्रबंधक आशीष कुमार पाढी ने ग्रामीण भारत के सामाजिक आर्थिक विकास और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए नाबार्ड के योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने एसएचजी आंदोलन की यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए नाबार्ड की भूमिका से सदन को अवगत कराया। उन्‍होंने कहा कि नाबार्ड पिछले तीन दशकों से एसएचजी आंदोलन का अग्रणी है। उसने झारखंड में 49,000 से अधिक एसएचजी को बढ़ावा दिया है।

मौके पर “झारखंड में नाबार्ड” नामक पुस्तिका का विमोचन किया गया। झारखंड के संदर्भ में “किसानों की आय दोगुनी करने” के विषय पर व्याख्यान आईएमएम के निदेशक प्रो शैलेंद्र सिंह ने दिया। आरबीआई के महाप्रबंधक संजीव दयाल, एसएलबीसी के महाप्रबंधक सीएस सहाय, सरकारके वरिष्ठ अधिकारी, बैंकर, शिक्षाविद, एसएचजी के सदस्य और साझेदार एजेंसियों ने कार्यक्रम में भाग लिया।

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