राज्‍य के किसानों का 1 रुपये में होगा ऋण माफ : कृषि मंत्री

0
  • कोविड में आम लोग और घर वापस लौटे मजदूरों की सबसे अधिक उम्मीद कृषि से
  • 100 कृषकों के बीच शत प्रतिशत अनुदान पर रबी बीज का वितरित किया गया

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि राज्य सरकार कृषक हित के लिए 1 रुपये में राज्य के किसानों के ऋण को माफ करने का कार्य करने जा रही है। इसके लिए 2000 करोड़ रुपए का अनुदान राशि राज्य सरकार दे रही है। किसानों को स्वावलंबी बनाने के लिए राज्य सरकार कृत-संकल्पित है। कोविड-19 के कारण घर वापस आने वाले मजदूरों की सबसे अधिक उम्मीद कृषि से ही है। इस ओर राज्य सरकार नीति बनाकर कार्य भी कर रही है। श्री बादल 12 नवंबर को रांची के मोरहाबादी स्थित राम कृष्ण मिशन ऑडिटोरियम में रबी संगोष्‍ठी सह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (दलहन/तेलहन) और पूर्वी भारत में हरित क्रांति विस्तार योजना अंतर्गत रांची के 100 कृषकों के बीच शत प्रतिशत अनुदान पर रबी  बीज (गेहूं, चना, सरसो एवं मसूर) वितरण कार्यक्रम में बोल रहे थे।

बिचौलियों को खत्‍म करना प्राथमिकता

श्री बादल ने कहा कि जो भी कृषक मित्र जागरूक होकर सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं, उन्हें सरकार द्वारा बिरसा कृषक के रूप में संबोधित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषकों को जागरूक बनना होगा। योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बिचौलियों के कार्य को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकताओं में है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार कृषकों से 2000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीद रही है। कृषक राज्य सरकार को धान बेचेंगे, उन्हें तत्काल उनके उत्पाद का 50% मूल्य अदा कर दिया जाएगा। साथ ही, उनके द्वारा दिए गए धान की गुणवत्ता की जांच के बाद उनका सारा पैसा उनतक पहुंचा दिया जाएगा। इससे कृषक जो अपना उत्पाद बिचौलियों के बीच बेचते हैं, उनसे उन्हें मुक्ति मिल पाएगी।

कृषि कैलेंडर बनाकर काम कर रही

श्री बादल ने कहा कि सरकार कृषि कैलेंडर बनाकर कार्य कर रही है। इसमें 25 मई को बीज दिवस के रूप में मनाया जाएगा, जिससे कृषकों तक सही समय पर सरकार द्वारा दी गई सभी सहायता उपलब्ध कराई जा सके। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सब्जियों के निर्यात के लिए एमएसपी तैयार कर रही है। इसके साथ कृषक उत्पादों के लिए बाजार की व्यवस्था भी की जा रही है। श्री बादल ने चैंबर ऑफ कॉमर्स की तर्ज पर चैंबर ऑफ फार्मर्स के निर्माण की परिकल्पना को चरितार्थ करने की भी बात कही।

किसानों को जागरूक होना होगा

कृषि सचिव अबू बक्कर सिद्दीख पी ने कहा कि देश के विकास में कृषि एक महत्वपूर्ण अंग है। रोजगार और जीडीपी में कृषि एक बड़ा योगदान देता है। उन्होंने कहा कि किसानों को जागरूक बनना होगा। उन्हें संबंधित लोगों से पूछना होगा कि उन तक समय से बीज क्यों नहीं पहुंचा। सब्सिडी क्यों नहीं मिली। उन्हें सतर्क और जागरूक रहना होगा, जिससे बिचौलिए उनके हिस्से का अनुदान नहीं खाएं।

योजनाओं पर प्रकाश डाला

कृषि निदेशक श्रीमती निशा उरांव सिंहमार ने विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कृषि अवसंरचना कोष के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत कृषकों को गोदाम, कोल्ड स्टोरेज आदि के लिए सब्सिडी और लोन का प्रावधान किया गया है। इससे किसान अपने उत्पादों का रखरखाव ठीक से कर सकेंगे। उन्हें उचित मूल्य भी प्राप्त हो सकेगा। उद्यान निदेशक वरुण रंजन ने कृषि में नए टेक्नोलॉजी एवं ऑर्गेनिक फार्मिंग के लिए कृषकों को जागरूक करने की बात कही।

10 हजार हेक्‍टेयर में सरसों प्रत्‍यक्षण

जिला कृषि पदाधिकारी विकास कुमार ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन विशेष फसल योजना (तेलहन) अंतर्गत रबी में रांची जिला के अंतर्गत सरसों प्रत्यक्षण के लिए 10,750 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसके लिए 450 क्विंटल बीज  मिला है। इसका वितरण कार्य प्रारंभ है। चना प्रत्यक्षण के लिए 70 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित है। इसके आलोक में चना बीच 52.50 क्विंटल प्राप्त है। गेहूं प्रत्यक्षण के लिए 365  हेक्टेयर के लिए 456.25 क्विंटल बीज, मसूर प्रत्यक्षण के लिए 380 हेक्टेयर के लिए 114 क्विंटल बीज प्राप्त है। इनका कृषकों के बीच नि:शुल्क वितरण किया जा रहा है।

कार्यक्रम में आये किसानों को कोविड-19 के खतरों और इसके बचाव के लिए जागरूक किया गया। उन्हें दो गज की दूरी, मास्क और हाथ धोने की भी जानकारी दी गयी।

Leave A Reply

Your email address will not be published.