SLBC : लोन के लंबित आवेदनों का जल्द से जल्द निपटारा करें बैंक

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  • राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की त्रैमासिक बैठक

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की त्रैमासिक बैठक कोविड-19 की स्थिति को देखते हुए वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से 14 अगस्‍त को हुई। समिति के महाप्रबंधक रविंद्र कुमार दास ने कहा कि कोरोना संकट में बैंक के समक्ष कई चुनौतियां खड़ी है। इन चुनौतियों का मिलकर सामना करना है। कोविड-19 के दौरान बैंकों को जो लक्ष्य दिया गया था, उन लक्ष्य को पूरा करने में बैंकों ने हर संभव प्रयास किया है। कई सेक्टर में बेहतर कार्य हुए है, जबकि कई सेक्टर में बैंकों का प्रदर्शन औसत रहा है।

श्री दास ने कहा कि कोरोना संकट के दौर में अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने कई योजनाएं शुरू की है। इन योजनाओं को सफल बनाने में सभी बैंकों का सहयोग जरूरी है। केंद्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत अभियान की शुरुआत की है। सभी बैंकों की जिम्मेवारी है कि इस अभियान को सफल बनाये।

नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक एके पाढी ने कहा कि राज्य में कृषि सेक्टर को बढ़ावा देने की आवश्‍यकता है। इसके लिए नाबार्ड की ओर से कई कदम उठाये गये है। दूध बेचने वाले किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ दिया जाना है। इन किसानों को चिन्हित कर उन्हें केसीसी से जोड़ने की जरूरत है। इसके अलावा कृषि और दूध के क्षेत्र में बैंकों को विषेष ध्यान देने की आवश्‍यकता है।

भारतीय रिजर्व बैंक के महाप्रबंधक संजीव दयाल ने कहा कि राज्य में सीडी रेशियो का गिरना चिंतनीय है। आंकडों के अनुसार सभी बैंकों में कई सेक्टर में बेहतर प्रदर्शन किया है। इसके बाद भी जो लक्ष्य दिये गये हैं, उसे पूरा करें। सभी बैंकों से आग्रह है कि जिस सेक्टर में परिणाम बेहतर नहीं हो पाया है, उस पर ध्यान दे। केसीसी, एसएचजी, एमएसएमई आदि सेक्टर को बढ़ावा देना है। इसमें सभी बैंकों से सहयोग की अपेक्षा है।

झारखंड के योजना एवं वित की विशेष सचिव श्रीमति दीप्ति जयराज ने कहा कि कई योजनाओं के लिए बैंकों के पास लोन के आवेदन लंबित है। इसका जल्द से जल्द निपटारा करें। पीएम किसान सम्मान निधि योजना में झारखंड के किसानों को जोड़ा जा रहा है। इसमें बैंकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जो किसान इस योजना से नहीं जुड़ पाये हैं, उनको योजना से जोडे़। बैंकों को जो लक्ष्य दिया गया है, उसे समय पर पूरा करें।

बैंक ऑफ इंडिया एनबीजी झारखंड और छतीसगढ के महाप्रबंधक राजेंद्र मान पांडेय ने धन्यवाद दिया। संचालन बिभव कुमार ने किया। बैठक में बीओआइ के डीजीएम गणेश टोप्पो, एसबीआइ के डीजीएम एनके सिंह, पीएनबी के डीजीएम दीपक कुमार श्रीवास्तव, झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन सुनील वी झोडे, केनरा बैंक के डीजीएम अशोक कुमार प्रसाद, यूनियन बैंक के डीजीएम आनंद कुमार, आरबीआइ के एजीएम आरआर तिवारी समेत अन्य बैंकों के डीजीएम, एलडीएम, झारखंड सरकार के विभागीय पदाधिकारी मौजूद थे।

डीएफएस के संयुक्त सचिव मदनेश मिश्रा ने कहा कि कोविड-19 संकट में झारखंड के बैंकर्स ने ग्राहकों को सेवा देकर सराहनीय कार्य किया है। लॉकडाउन में भी अधिकतर बैंक और एटीएम संचालित रहे। इसके अलावा झारखंड में कृषि और एमएसएमई सेक्टर में प्रदर्शन औसत रहा है। सभी बैंक नियंत्रकों से आग्रह है कि इन सेक्टर पर विशेष ध्यान दें। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को सफल बनाने में बैंकों को सहयोग चाहिए। पिछले तीन माह के रिपोर्ट के अनुसार कई सेक्टर में बैंकों का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस प्रदर्शन को आगे भी जारी रखे। साथ ही, जिन सेक्टर में कार्य औसत रहा है, उस पर ध्यान दें।

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