कोरोना को लेकर SLBC की राज्‍य में बैंकिंग‍ व्‍यवसाय 4 घंटे करने की वकालत

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  • स्थिति सामान्‍य होने तक हर शनिवार को बंद हो बैंक शाखाएं
  • कोरोना संक्रमण को लेकर मुख्य सचिव को लिखा पत्र

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । झारखंड SLBC ने राज्‍य में बैंकिंग‍ व्‍यवसाय 4 घंटे करने की वकालत की है। इस संबंध में जीएम आरके दास ने मुख्य सचिव को 21 जुलाई को पत्र लिखा है। इसमें हर शनिवार को बैंक शाखाओं को बंद रखने पर जोर दिया गया है।

जीएम ने लिखा है कि कोरोना महामारी देश और राज्य में बड़े पैमाने पर फैल रही है। महामारी से संक्रमित होने वाले लोगों की संख्या में भारी वृद्धि हो रही है। इससे बैंक कर्मचारी, अधिकारियों सहित आम लोगों के मन में असुरक्षा और भय व्‍याप्‍त है। बैंक कर्मियों को कोरोना संकट के दौरान भी काम से राहत नहीं है। इसे लेकर एसएलबीसी को बैंक, अधिकारी और कर्मचारियों के संघों से अनुरोध मिल रहे हैं।

राज्‍य के 30 हजार से अधिक बैंक कर्मियों के लिए सभी चिंति‍त हैं। उन्होंने बिना सेवा में रुकावट के वर्तमान महामारी को देखते हुए बैंकों के व्यावसायिक घंटे में कुछ ढील देने का अनुरोध किया है। वर्तमान में राज्‍य में 3 हजार से अधिक बैंक शाखाएं और 3318 एटीएम का नेटवर्क है। 16 हजार से अधिक बीसी कार्यरत हैं। वे माइक्रो एटीएम से नकद जमा और निकासी का काम कर रहे हैं।

इस मुद्दे पर सदस्य बैंकों से विभिन्न मुद्दों/सुझावों पर अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इससे यूनियन और संघों के प्रतिनिधि द्वारा बनाया गया है। प्रमुख के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए सदस्य बैंकों और यूनियनों/संघों के सुझाव को आपके समक्ष प्रस्‍तुत करते हैं।

वर्तमान संकट को देखते हुए इन व्‍यवस्‍थाओं को लागू करने का सुझाव

  • सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक ही बैंकिंग व्यवसाय हो। हालांकि बैंकिंग सेवाएं जैसे रसीदें, भुगतान, प्रेषण और समाशोधन आदि प्रदान किए जाते रहेंगे।
  • सरकारी व्यवसाय शाखाओं के अलावा, ग्रामीण/अर्द्ध शहरी शाखाओं में कार्यात्‍मक या अल्‍टरनेट डे के तौर काम हो।
  • वर्तमान महामारी के सामान्य होने तक हर शनिवार को सभी बैंक शाखाओं को बंद करना
  • चाहिए। वर्तमान में बैंक केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ये बंद रहता है।
  • ड्यूटी पर कर्मचारियों की संख्या में प्रतिबंध हो यानी बैंक शाखा/ क्षेत्रीय कार्यालय/ प्रधान कार्यालय में कर्मि‍यों की संख्या न्यूनतम 50% किया जाए।
  • राज्य/जिला प्रशासन द्वारा नियमित अंतराल पर सभी कर्मचारियों की जांच की जानी चाहिए।
  • ​​पॉजिटिव मामलों की जांच के लिए निजी अस्पतालों की पहचान की जाए, ताकि बैंक अपने कर्मचारियों के इलाज के लिए टाई-अप की व्यवस्था करें।
  • संदिग्ध और कोरोना पॉजिटिव कर्मियों के लिए बैंकों को अपने स्वयं के क्‍वारंटाइन सेंटर स्‍थापित करने की अनुमति दी जाए।
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