ऑनलाइन क्‍लास में MHRD के दिशा-निर्देश का उल्‍लंघन कर रहे हैं स्‍कूल, जाने क्‍या है आदेश

0
  • लगातार छह घंटे तक कराया जा रहा है क्‍लास
  • अभिभावक और बच्‍चों को हो रही है परेशानी

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । केंद्र सरकार ने अनलॉक-3 की गाइडलाइंस जारी कर दी है। इसमें 5 अगस्त से जिम खोलने की इजाजत दी गई है। नाइट कर्फ्यू को भी हटा दिया है। मेट्रो, रेल और सिनेमाघर पर पाबंदी जारी रहेगी। राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के साथ व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थान 31 अगस्त तक बंद रहेंगे। नई गाइडलाइन से यह भी साफ हो गया है कि स्‍कूलों द्वारा ऑनलाइन क्‍लास कराये जाते रहेंगे।

विद्यार्थी और अभिभावक परेशान

कोरोना वायरस को लेकर शुरू हुए लॉकडाउन के बाद से ही ऑनलाइन क्‍लासें कराई जा रही है। इससे विद्यार्थी और अभिभावकों को परेशानी होने को देखते हुए मानव संसाधन विकास विभाग ने डिजिटल शिक्षा के लिए दिशा-निर्देश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि कक्षा 1 से 8 तक दिनभर में मात्र दो क्‍लास की कराना है। कक्षा 9 से 12 के लिए चार सेशन से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसकी अवधि भी 30 से 45 मिनट की होगी।

लगातार छह घंटे तक क्‍लास

झारखंड की राजधानी रांची सहित कई जिलों में नामी गिरामी स्‍कूल इस आदेश को नहीं मान रहे हैं। वे लगातार छह घंटे तक बच्‍चों की ऑनलाइन क्‍लास ले रहे हैं। कई स्‍कूल कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों की चार से अधिक सेशन आयोजित कर रहे हैं। क्‍लास भी सुबह 7 बजे से शुरू हो रहे हैं। इस दौरान महज 10 से 15 मिनट का ब्रेक दिया जा रहा है। लगातार बच्‍चे मोबाइल से चिपके रह रहे हैं।

ऑनलाइन क्‍लास को लेकर आदेश

मोबाइल पर भेजे रहे किताब

लॉकडाउन की वजह से कई स्‍कूलों की किताबें नहीं मिल रही हैं। कुछ स्‍कूलों की आधी किताबें ही मिली है। शिक्षक पुरानी किताबों के पीडीएफ या चैप्‍टर का फोटो मोबाइल पर भेज रहे हैं। यह बच्‍चों के लिए अलग परेशानी का सबब बन गया है। कई बार यह मोबाइल में दिख भी नहीं रहा है। बच्‍चे आंख गड़कर देख रहे हैं। कई अभिभावकों का कहना है कि निजी स्कूल सिर्फ फीस वसूली के लिए यह हथकंडा अपना रहे हैं।

आंखों पर पड़ रहा है असर

चिकित्‍सकों का कहना है कि घंटों मोबाइल पर ऑनलाइन पढ़ाई करने से बच्चों को नुकसान उठाना पड़ सकता है। इससे उनकी आंखें कमजोर हो सकती हैं। रीढ़ में दिक्कत भी आ सकती है। बच्चों की आंखों का पानी सूख सकता है। जिन बच्चों की आंखें कमजोर हैं, उन्हें सिर दर्द की समस्या भी हो रही है। पढ़ते समय थोड़ी-थोड़ी देर में मोबाइल अलग रख दें। थोड़ी देर टहलने का प्रयास करें।

बच्‍चे हो रहे हैं चिड़चिड़े

मोबाइल का ज्‍यादा इस्तेमाल करने से बच्चों में थकान और कमजोरी आ रही है। इससे वे चिड़चिड़े होने लगे हैं। जानकारों का कहना है कि मोबाइल से बेहतर होगा कि अभिभावक डेस्कटॉप पर पढ़ाई कराएं। हालांकि हर अभिभावक के पास यह सुविधा नहीं हैं।

एक घंटे से अधिक नहीं हो

डॉक्‍टरों का कहना है कि लंबे समय तक बच्चा जब लैपटॉप या मोबाइल के सामने बैठेंगे तो परेशानी होगी। उसे आंखों, गर्दन और हाथों सभी में दर्द होगा। लगातार पढ़ाई करने से दिमाग में कॉन्सेप्ट को स्टोर करने की क्षमता प्रभावित होती है। बच्चे का वजन भी बढ़ सकता है, इसलिए ऑनलाइन क्लास एक घंटे से अधिक पूरे दिन में नहीं होना चाहिए।

Leave A Reply

Your email address will not be published.