नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में सरकारी स्कूलों में पाठ्य योजना लागू करने की तैयारी

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  • शिक्षा विभाग ने गठित की दो कमेटी  

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । राज्य सरकार ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आलोक में सरकारी स्कूलों में पाठ्य योजना लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। केंद्रीय और निजी विद्यालयों की तरह सरकारी स्कूलों में भी एक जैसी पाठ्य योजना लागू करने की कोशिश है। सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा और खेलकूद को भी प्रोत्साहन दिया जाएगा। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इसे लेकर दो अलग-अलग कमेटियां गठित की हैं। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा और फिट इंडिया कार्यक्रम के अलावा दूसरे राज्यों में लागू पाठ्य योजना का अध्ययन कर राज्य के लिए अपनी पाठ्य योजना तैयार करेगी। यह कमेटी मासिक पाठ्य योजना के अलावा प्रत्येक पीरियड के लिए भी पाठ्य योजना तैयार करेगी।

पहली कमेटी यह करेगी

पहली कमेटी पाठ्य योजना और मासिक पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए गठित की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव सह संयुक्त निदेशक निर्मल कुमार झा की अध्यक्षता में गठित इस कमेटी में प्राथमिक शिक्षा निदेशालय के उपनिदेशक प्रदीप कुमार चौबे संयोजक बनाए गए हैं। झारखंड शिक्षा परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी (गुणवत्ता शिक्षा) अभिनव कुमार, शिक्षक परितोष कुमार चौधरी, अद्वैत चैतन्य, अरुण कुमार दीक्षित तथा खेलकूद निदेशालय के समन्वयक यू जायसवाल सदस्य बनाए गए हैं। यह कमेटी विभिन्न राज्यों के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों द्वारा उपयोग में लाई जा रही पाठ्य योजनाओं का अध्ययन करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा और राज्य में संचालित पाठ्य योजनाओं के अनुरूप एक डाक्यूमेंट विजन तैयार करेगी, ताकि उसे सरकारी स्कूलों में लागू किया जा सके।

दूसरी कमेटी यह करेगी

दूसरी कमेटी सरकारी स्कूलों में शारीरिक शिक्षा एवं खेलकूद को बढ़ावा देने को लेकर गठित की गई है। विभाग के संयुक्त सचिव निर्मल कुमार झा की अध्यक्षता में ही गठित इस कमेटी में भी उप निदेशक प्रदीप कुमार चौबे संयोजक बनाए गए हैं। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी धीरसेन सोरेंग, शारीरिक शिक्षक विशाल रवि, संजय मंडल, जगजीत सिंह और राची के जिला खेल पदाधिकारी सदस्य बनाए गए हैं। यह कमेटी भी विभिन्न राज्यों के सरकारी एवं गैर सरकारी स्कूलों में दी जा रही शारीरिक शिक्षा के अलावा नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा और फिट इंडिया कार्यक्रम का अध्ययन कर मैनुअल तैयार करेगी, ताकि उसे राज्य के सरकारी स्कूलों में भी लागू की जा सके। विभाग सरकारी स्कूलों में भी शारीरिक शिक्षा तथा खेलकूद की एक कक्षा रखने पर विचार कर रहा है। नई पाठ्य योजना अगले सत्र से लागू की जा सकती है।

पाठ्य योजना क्यों

– सरकारी स्कूलों में अभी कक्षाओं की संख्या की एकरूपता नहीं है। पाठ्य योजना नहीं होने से शिक्षक अपनी मर्जी के अनुसार बच्चों को पढ़ाते हैं। अब शिक्षकों को लिखित पाठ्य योजना सत्र की शुरुआत में ही मिल जाएगी।

– मासिक पाठ्य योजना तैयार होने से शिक्षक और विद्यार्थियों को पहले से पता रहेगा कि किस माह किस टॉपिक की पढ़ाई होगी। यह सभी स्कूलों में समान होगी।

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