नियमविरुद्ध मंजूर हो रही र‍िटायर शिक्षा संवर्ग के अफसरों की पेंशन, भेजा रहा रहा AG को

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । झारखंड में अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के अफसरों की पेंशन न‍ियम व‍िरुद्ध मंजूर हो रहा है। उसे महालेखाकर (AG) को भेजा रहा है। इसकी जानकारी प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को मिली है। निदेशक ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। इन पदाधिकारियों की पेंशन और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव निदेशालय को उपलब्ध कराने का फ‍िर निर्देश दिया है। इस संबंध में प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों के प्राचार्य को पत्र लिखा है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक आदित्य कुमार आनंद ने लिखा है कि अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के तहत कार्यरत पदाधिकारियों की पेंशन एवं अन्य सेवानिवृति लाभो की स्वीकृति के लिए प्रस्ताव प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। किन्तु अधोहस्ताक्षरी के संज्ञान में यह तथ्य आया है कि निदेशालय के निर्देशों के बावजूद अवर शिक्षा संवर्ग के सेवानिवृत्त पदाधिकारियों की पेंशन जिला स्तर से स्वीकृत करते हुए महालेखाकार को अग्रसारित कर दिया जाता है। अन्य सेवानिवृत्ति लाभों का भुगतान भी जिला स्तर से कर दिया जाता है।

निदेशक ने लिखा है कि राज्य सरकार के सेवानिवृत्त कर्मियों की पेंशन की स्वीकृति झारखंड पेंशन नियमावली में निहित प्रावधानों के तहत दी जाती है। किसी भी कर्मी की पेंशन स्वीकृत करने से पूर्व उनकी सेवा निरंतरता, विभागीय कार्यवाही एवं अन्य अर्हता के बिंदुओं की जांच कर यथोचित निर्णय आवश्यक है। जिला शिक्षा अधीक्षक ना तो उक्त बिंदुओं पर निर्णय लेने के लिए सक्षम प्राधिकार हैं, ना हीं झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 201 के अनुसार सेवांत लाभ स्वीकृत करने के लिए सक्षम प्राधिकार है।

इस प्रकार अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पदाधिकारियों को सेवांत लाभ की स्वीकृति जिला स्तर से दिया जाना पेंशन नियमावली के प्रावधानों के विपरीत है। ऐसे में निर्देश दिया जाता है कि अवर शिक्षा सेवा संवर्ग के पदाधिकारियों के सेवानिवृत्‍त‍ि लाभ के लिए प्रस्ताव ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करते हुए क्षेत्राधिकार के बाहर सेवानिवृत्ति लाभ की स्वीकृति जिला स्तर से नहीं की जाय।

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