देश के विश्वविद्यालयों में अनुभवी शिक्षकों की बड़ी जरूरत : प्रो टीवी कट्टीमनी 

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  • बीएयू के सात विश्वविद्यालयकर्मी सेवानिवृत्‍त हुए

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में बुधवार को दो शिक्षकों और पांच कर्मचारी सेवानिवृत्‍त हुए। इस अवसर पर मुख्यालय स्तर पर पहली बार सभी के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह के मुख्य अतिथि इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो टीवी कट्टीमनी ने अनुभवी शिक्षकों को देश का धरोहर बताया। उन्होंने कहा कि देश की शिक्षा नीति में आमूल परिवर्तन लाने की आवश्यकता है। शिक्षा पर देश अरबों की राशि व्यय करता है। ठोस नीति और मौको के आभाव में देश में शिक्षित छात्र विदेशों में जाकर रोजगार करते हैं। उनकी काबिलियत और सेवा से देश का वंचित रहना बहुत बड़ी विडंबना है। दोनों विश्वविद्यालय के कुलपति राष्ट्रीय शिक्षा नीति के मानद सदस्य हैं। उन्होंने इस नीति को देश हित में देश को समर्पित करने की जरूरत पर बल दिया। मौके पर दोनों कुलपतियों ने सबों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रारूप की वेबसाईट पर अवलोकन करने और महत्वपूर्ण सुझाव देने की अपील की।

समारोह में पशु चिकित्सा संकाय के एनिमल माइक्रोबायोलॉजी विभाग के विश्वविद्यालय प्राध्यापक और अध्यक्ष डॉ अरुण प्रसाद, वानिकी संकाय के प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन विभाग के अध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ महादेव महतो, प्रशाखा पदाधिकारी एवं सहायक नियंत्रक भोगेन्द्र मिश्र, प्रशाखा पदाधिकारी महातम प्रसाद, सहायक प्रमोद पोद्दार और आदेशपाल प्रयाग महतो को कुलपति डॉ राम शंकर कुरील ने बुके, शॉल और भगवान बिरसा मुंडा का मोमेंटो देकर सम्मानित किया।

मौके पर कुलपति ने कहा कि आदमी नौकरी से सेवानिवृत्‍त होते है। उन्हें जीवन भर कार्य और कर्म करना होता है। की गई अच्छी सेवा, कार्य एवं कर्म रिटायरमेंट के बाद भी आदमी को महान कार्य करने का अवसर देता है।

समारोह का संचालन डॉ डीएन सिंह ने किया। मौके पर डॉ एमएस यादव, डॉ एमपी सिन्हा, डॉ एमएच सिद्दीकी, डॉ राघव ठाकुर, डॉ एके सिंह, डॉ पुष्पेन्द्र सरोज, डॉ जेडए हैदर, प्रो डीके रूसिया, डॉ आरआर उपासनी, डॉ राकेश कुमार सहित अनेकों वैज्ञानिक और कर्मचारियों कि मौजूद थे।

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