JPSC की धांधली : विशेषज्ञों को नहीं भरने दिये मार्क्‍स शीट

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सुनील कमल

हजारीबाग । झारखंड लोक सेवा आयोग ने व्‍याख्‍याता नियुक्ति में कई स्‍तर पर धांधली की। जांच के दौरान इसकी परतें खुली जा रही है। इस क्रम में यह बात भी सामने आई कि इंटरव्‍यू में बुलाये गये विशषज्ञों को मार्क्‍स शीट भरने भी नहीं दिया गया। बोर्ड के चेयरमैन ने खुद नंबर भरे और कई लोगों को उपकृत किया।

आयोग ने (विज्ञापन संख्या : 01/2007) के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों में व्‍याख्‍याता की नियुक्तियां की। उर्दू विषय में आयोग ने बोर्ड का चेयरमैन तत्कालीन सदस्य शांति देवी को बनाया था। विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने जांच में पाया कि उर्दू विषय में शांति देवी ने स्वयं हस्तक्षेप कर 11 अभ्यर्थियों का नंबर बढ़ाकर उन्‍हें पास कर दिया। जांच में पाया गया कि उर्दू विषय के इंटरव्यू के लिए तीन विशेषज्ञ का पैनल बनाया गया था। इसमें रांची, मुजफ्फरपुर और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ शामिल थे।

बोर्ड की चेयरमैन शांति देवी ने इन सभी विशेषज्ञ को इंटरव्यू से संबंधित कुछ मार्क्स शीट नहीं भरने दिए। उन्होंने खाली मार्क्स शीट पर सभी विशेषज्ञ से हस्ताक्षर करा लिए। इसे अपने पास रख लिया। बाद में उन्‍होंने खुद इन मार्क्स शीट में नंबर भर दिए। विधि विज्ञान प्रयोगशाला ने मार्क्स शीट में शांति देवी के लिखावट की पुष्टि की है। शांति देवी ने एक बड़े अधिकारी की पत्नी को भी इंटरव्यू में दिए गए नंबर को काट कर बढ़ाया। इसकी पुष्टि भी प्रयोगशाला के अधिकारियों ने किया।

एक कुलपति भी इंटरव्यू में विशेषज्ञ के तौर पर शामिल हुए थे। वे रिजल्ट के बाद आयोग के कदाचार से दंग थे। उर्दू के इस रिजल्ट को देख कर झारखंड बेट नेट एसोसिएशन के अध्यक्ष इरफानुद्दीन अशर्फी ने झारखंड उच्च न्यायालय में मुकदमा (रिट संख्या : 638/2008) दर्ज कर दि‍या। आज भी यह मामला आयोग से कई सवाल पूछ रहा है। इसकी सीबीआई की जांच पूरी हो चुकी है। फैसला सरकार को लेना है।

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