झारखंड चैंबर ने सरकार से कहा, कारोबार समेटने का मन बना रहे शॉपिंग मॉल के दुकानदार, अब संचालन की मिले अनुमति

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । झारखंड चैंबर ने राज्‍य सरकार से कहा कि शॉपिंग मॉल के दुकानदार मौजूदा संकट का सामना करने की स्थिति में अब और नहीं हैं। वे अपना कारोबार समेटने का मन बनाने को मजबूर हैं। ऐसे में राज्य में स्थित सभी शॉपिंग मॉल को संचालित करने की अनुमति देने की मांग की। चैंबर के पदधारियों ने 21 अगस्‍त को शॉपिंग मॉल के संचालकों के साथ पांच माह से बंद पडे कारोबार से उत्पन्न परिस्थितियों की समीक्षा की। इसमें राजधानी रांची, जमशेदपुर, बोकारो, धनबाद सहित अन्य जिलों के शॉपिंग मॉल के संचालक उपस्थित थे।

चैंबर अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि चैंबर राज्य में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन, केंद्र और राज्य सरकार तथा स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ हैं। उन सभी उपायों के पक्ष में है, जो इस महामारी को रोकने के लिए जरूरी है और सरकार द्वारा निर्देशित है। हालांकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए जिस तरह से अन्य उद्योगों और व्यवसायिक परिसरों को खोलने की अनुमति राज्य सरकार ने दी है, उसी तरह शॉपिंग मॉल को भी संचालित करने की अनुमति दी जाय।

अध्‍यक्ष ने कहा कि देश में कोरोना संक्रमण शुरू होने के साथ ही लॉकडाउन-1 के समय ही सभी शॉपिंग मॉल सरकार के आदेश से बंद हो गये। राज्य सरकार ने इनका संचालन शुरू करने की अब तक अनुमति नहीं दी है, जबकि एमएचए की गाइडलाइन के अनुसार दूसरे ऐसे छोटे-बडे व्यवसायिक प्रतिष्ठान, कपडे़ की दुकान, कारोबारी परिसरों और बिग शॉप जैसे शॉपिंग सेंटर्स को इसकी अनुमति दे दी है।

चैंबर ने कहा कि शॉपिंग मॉल के दुकानदारों की हालत और सरकार को राजस्व की हो रही भारी क्षति को देखते हुए झारखंड में भी शॉपिंग मॉल का संचालन शुरू करने की अनुमति दी जाय। इसके लिए यदि सरकार चाहे, तो विशेष एसओपी तय कर सकती है। चैंबर ने सरकार को विश्वास दिलाया है कि मॉल संचालक कोरोना संक्रमण को रोकने के सभी उपायों और सरकार के निर्देशों का पालन करते हुए सरकार की मदद करेंगे।

मौके पर न्यूक्लियस मॉल के संचालक विष्णु अग्रवाल, जमशेदपुर मॉल के संचालक राजकुमार अग्रवाल, बोकारो मॉल के संचालक धर्मेंद्र जैन, धनबाद मॉल के संचालक कशिश ब्यास, जेडी मॉल के संचालक अनुराग सरावगी, पेंटालूंस के संचालक सुमित सिंह, स्प्रिंग सिटी मॉल के संचालक संजीव गुप्ता, संजय जायसवाल, चैंबर उपाध्यक्ष राम बांगड, सह सचिव मुकेश अग्रवाल समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

इस ओर ध्‍यान आकृष्‍ट कराया

  • राज्य में 7 शॉपिंग मॉल हैं- रांची में न्यूक्लियस, पेंटालून, जेडी हाई स्ट्रीट मॉल, धनबाद में धनबाद मॉल, बोकारो में बोकारो मॉल और जमशेदपुर में पीएनएम मॉल और हाइटेक सिटी सेंटर मॉल आदि। ये सरकार की अनुमति की प्रतीक्षा में अब तक बंद हैं।
  • सरकार की गाइडलाइन है कि एक दुकान में एक साथ पांच से अधिक ग्राहक नहीं होंगे। यह देखें तो मॉल के अंदर जितनी भी दुकानें हैं, वे छोटी-छोटी हैं। इनमें एक या दो कर्मचारी ही होते हैं। इसलिए इन दुकानों में एक समय में एक साथ पांच से कम ही ग्राहक होते हैं। यहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन आराम से कराया जा सकता है।
  • रांची में कई ऐसे प्रतिष्ठान जो 40 हजार से 50 हजार स्क्वॉयर फीट में हैं।
  • इतने लंबे समय तक शॉपिंग मॉल के बंद रहने के कारण दुकानदारों की आर्थिक स्थिति अत्यंत खराब हो गई है। सभी दुकानदारों ने बैंक से कर्ज लेकर अपना कारोबार शुरू किया था। बैंकों ने आरबीआई के निर्देश पर कर्ज की राशि का ईएमआई भुगतान नहीं करने पर छूट पहले मई और बाद में अगस्त तक का समय दिया। छूट की अवधि भी 31 अगस्त को समाप्त हो रही है। इसके बाद उन्हें ईएमआई भुगतान करना होगा।
  • ईएमआई भुगतान की छूट की अवधि में भी ब्याज में बैंकों ने कोई छूट नहीं दी है। इस तरह कारोबारियों की पूंजी फंसी हुई है। उपर से उन्हें ब्याज भी चुकाना होगा। इस तरह उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
  • शॉपिंग मॉल के दुकानदार मौजूदा संकट का सामना करने की स्थिति में अब और नहीं हैं। वे अपना कारोबार समेटने का मन बनाने को मजबूर हैं।
  • इतने दिनों से शॉपिंग मॉल के बंद रहने से लाखों रुपये के ऐसे उपभोक्ता सामान बेकार हो रहे हैं, जिनके उपयोग की समय-सीमा निर्धारित है।
  • शॉपिंग मॉल बंद रहने से सरकार को हर माह इससे प्राप्त होनेवाले करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है।
  • अन्य कई राज्यों में वहां की सरकारों ने कोरोना प्रसार को रोकने के उपायों का पालन करते हुए शॉपिंग मॉल के संचालन की अनुमति दे दी है।
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