सामूहिक नृत्य, एकांकी नाटक, कार्टून सहित पांच प्रतिस्पर्धा में दिखी प्रतिभा

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  • झारखंड अंतर विश्वविद्यालय युवा महोत्सव–2019 का तीसरा दिन

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । राजधानी के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में युवा महोत्सव–2019 के तीसरे दिन सोमवार को पांच प्रतिस्पर्धाएं हुई। चार स्पर्धा कृषि संकाय और एक पशु चिकित्सा संकाय में आयोजित की गई।

कृषि संकाय में आयोजित धाराप्रवाह व्याख्यान में मानव अधिकार, खेल एवं एकता, गरीबी एवं बेरोजगारी, उद्यमिता एवं रोजगार, मौलिक अधिकार एवं एकता, डिजिटल उपकरण विषयों में 6 विश्वविद्यालयों के प्रतिभागियों ने भाग लिया। झारखंड के सूदूरवर्ती ग्रामीण छात्रों के प्रदर्शन और प्रतिभा का सभी जजों ने तारीफ की। उन्होंने छात्रों के प्रदर्शन को शहरों के निजी महाविद्यालयों के छात्रों से बेहतर बताया। संचालन डॉ जेडए हैदर, डॉ बीके झा, डॉ सेन गुप्ता और डॉ हिमांशु दुबे ने किया।

पशुओं का संयोजन विषयक क्ले मॉडलिंग प्रतिस्पर्धा में 6 विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। उन्‍होंने जंगली पशु, घरेलु पशु, पशु चारागाह, मत्स्य पालन, मगरमच्छ, हाथी, गौ धन की जीवंत मूर्ति करीब दो घंटे में बनाकर अपनी कला का परिचय दिया। प्रसिद्ध व्यक्तियों के जीवनी विषय के कार्टून स्पर्धा में 7 विश्वविद्यालयों के छात्रों ने भाग लिया। इसमें बहुतायत प्रतिभागियों ने महात्मा गांधी, नरेंद्र मोदी और सुभाष चन्द्र बोस की जीवनी पर आधारित कार्टून को प्रदर्शित किया। क्ले मॉडलिंग और कार्टून प्रतिस्पर्धा का संचालन डॉ राकेश कुमार, डॉ स्वाति सहाय एवं डॉ आशा सिन्हा ने किया।

एकांकी नाटक स्पर्धा में तीन विश्वविद्यालय के प्रतिभागियों ने कन्नड़ साहित्य के लेखक गिरीश कर्नार्ड लिखित ‘नागमंडल’, जयशंकर प्रसाद द्वारा लिखित नाटक ‘ध्रुव स्वामिनी’ और भारतीय किसानों की बेबसी एवं कृषि विषय पर एकांकी नाटक में दर्शकों को मोह लिया। दर्शक दीर्घा में उपस्थित कुलपति डॉ परविंदर कौशल, आयोजन सचिव डॉ एमएस यादव एवं छात्र-छात्राओं ने युवा कलाकारों के सम्मान में देर तक पूरा हॉल तालियों से गूंजता रहा। इसका संचालन डॉ एस कर्मकार और डॉ एमएस यादव ने किया।

मौके पर डॉ एमपी सिन्हा, प्रो डीके रूसिया, डॉ निभा बाड़ा, डॉ बीके अग्रवाल, डॉ इरफान अंसारी, डॉ आरबी साह, डॉ शशि किरण तिर्की, डॉ पूनम होरो, डॉ साबिता एक्का, विभिन्न विश्वविद्यालयों के टीम प्रबंधकों में डॉ एम मूर्मू, डॉ गुंजन, डॉ सविता सिंह, डॉ संदीप कुमार पांडेय, डॉ केके बोस, डॉ रेश्लिना सिंह, डॉ सनातन दीप, प्रो बलजीत सिंह और डॉ मीणा मलखंदी तथा छात्र–छात्राएं मौजूद थे।

विश्वविद्यालय के पशु चिकित्सा संकाय में सामूहिक लोक नृत्य कार्यक्रम देर शाम तक चला। इस स्पर्धा में सभी 8 विश्वविद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने झारखंड, गुजरात, राजस्थानी राज्यों के लोक नृत्य से दर्शकों को मुग्ध कर दिया। इसका संचालन डॉ सुशील प्रसाद ने किया। मंगलवार को सुबह 11 बजे से कृषि संकाय के ऑडिटोरियम में समापन समारोह होगा। इस अवसर पर विजेताओं की घोषणा और पुरस्कार वितरण किया जाएगा।

 

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