अयोध्या में भूमिपूजन को लेकर झारखंड के मंदिर और देवस्थानों में दीपोत्सव की अनुमति दे सरकार : भाजपा

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  • लोकभावना और आस्था का सम्मान करें : कुणाल षाड़ंगी

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । अयोध्‍या में भव्य श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन को लेकर देशभर में उल्लास का माहौल है। झारखंड में कोरोना के कारण मंदिर और हिंदू देवस्थानों में लागू पाबंदियों से राम भक्तों के जश्न फीका पड़ने के आसार को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने राज्‍य सरकार से त्वरित हस्तक्षेप करने की मांग की है। प्रदेश प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने 4 अगस्‍त को इस आशय की मांग की है।

श्री षाड़ंगी ने कहा कि राज्य के सभी मंदिरों और देवस्थानों को राम जन्मभूमि में मंदिर की आधारशिला रखने के अवसर पर विशेष पूजन, धार्मिक आयोजन, सुंदरकांड पाठ, रामधुन बजाने सहित दीपोत्सव के आयोजन की अनुमति दी जाये। उन्‍होंने कहा कि लोकभावना और प्रभु राम के प्रति अप्रतिम स्नेह, सम्मान की भावना को देखते हुए उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश शासन ने ऐसी व्यवस्था की स्वीकृति दी है। ऐसे में झारखंड सरकार की चुप्पी समझ से परे है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि श्रीराम मंदिर का निर्माण राष्ट्रीय स्वाभिमान का विषय है। श्रीराम सबके हैं। उनके प्रति हर वर्ग जाति‍ और पंथ के लोगों की अटूट आस्था है। सैकड़ों वर्षों के कठिन परिश्रम, प्रतीक्षा, चुनौतियों और कानूनी व्यवधानों को पार कर श्रीराम जन्मभूमि में प्रभु राम के भव्य मंदिर निर्माण की आधारशिला रखे जाना सर्वोच्च आस्था का विषय है। देश सहित समूचे विश्व के रामभक्तों के बीच उत्साह और उल्लास है। ईश्वर के प्रति अटूट और अप्रतिम आस्था कोरोना महामारी पर भारी होती दिखती है। मंदिर निर्माण से समूचे देश में सकारात्मक ऊर्ज़ा का संचार हुआ है।

श्री षाड़ंगी ने कहा कि मंदिर के भूमि पूजन का यह कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता, अखंडता और बंधुत्व का भी परिचायक है। भाजपा ने कहा कि झारखंड सरकार को इस आशय में अविलंब हस्तक्षेप करते हुए सर्वोच्च प्राथमिकता से उचित शासनादेश जारी करनी चाहिए, जिससे लोकभावना और आस्था का हर हाल में सम्मान हो सके।

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