Good News : अब एक साथ जारी होंगे प्रोन्नति और प्रोन्नत पद पर पदस्थापन के आदेश

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  • मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दिये निर्देश

दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । झारखंड सरकार में कार्यरत कर्मियों के लिए खुशखबरी। अब एक साथ प्रोन्नति और प्रोन्नत पद पर पदस्थापन के आदेश जारी होंगे। मुख्य सचिव सुखदेव सिंह ने इसके आदेश दिये हैं। इस बाबत उन्होंने 3 नवंबर को सभी अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, विभागाध्यक्ष, प्रमंडलीय आयुक्त, उपायुक्तों को पत्र लिखा है।

मुख्य सचिव ने लिखा है कि सरकारी सेवक अपने पद से सम्बद्ध वेतन और भत्ते उस तिथि से लेना प्रारम्भ करेगा, जिस तिथि से वह उस पद का कार्यभार ग्रहण करेगा। झारखंड सेवा संहिता के नियम-58 और झारखंड वित्त नियमावली के नियम-74 में इसका प्रावधान है। स्पष्ट है कि प्रोन्नत पद के वेतनमान का वित्तीय लाभ भी प्रोन्नत पद पर पदस्थापन के बाद पदग्रहण की तिथि से प्राप्त होगा।

श्री सिंह ने लिखा है कि सरकार के समक्ष ऐसे दृष्टांत आये हैं जिसमें प्रोन्नति समिति की अनुशंसा पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त करने के बाद प्रोन्नति से संबंधित आदेश निर्गत कर दिया जा रहा है। इस प्रकार का आदेश निर्गत करना निरर्थक है, क्योंकि प्रोन्नत पद पर पदस्थापन के फलस्वरूप योगदान किये बिना प्रोन्नति का वित्तीय लाभ प्राप्त नहीं हो सकता है।

सीएस ने लिखा है कि प्रोन्नति से संबंधित आदेश और प्रोन्नत पद पर पदस्थापन का आदेश अलग-अलग समय पर निर्गत होने से यह भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है कि वित्तीय लाभ किस तिथि से देय होगा। अतः यह आवश्यक है कि प्रोन्नति और प्रोन्नत पद पर पदस्थापन का आदेश एक साथ निर्गत हो, ताकि भ्रम की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। संबंधित पदाधिकारी/कर्मी को वित्तीय लाभ बिना किसी विलंब के प्राप्त हो सके।

श्री सिंह ने लिखा है कि यह भी देखा जा रहा है कि प्रोन्नत पद पर पदस्थापन में विलंब होने से इस अवधि में कई पदाधिकारी/कर्मी सेवानिवृत्त हो जाते है। इससे उन्हें प्रोन्नत पद का वित्तीय लाभ नहीं मिलता है। सेवानिवृत्ति लाभों में उन्हें भारी वित्तीय क्षति का सामना करना पड़ता है। अतः यह भी आवश्यक है कि प्रोन्नत पद पर पदस्थापन से संबंधित आदेश निर्गत करने में अनावश्यक विलंब नहीं हो। उपरोक्त के आलोक में प्रोन्नति समिति की अनुशंसा और प्रोन्नत पद पर पदस्थापन के प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त कर आदेश एक साथ बिना किसी विलंब के निर्गत किये जाये।

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