जनजातीय लोगों के उद्यमिता विकास और आय सृजन को दिया जाएगा बढ़ावा

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । राज्‍य में जनजातीय लोगों के उद्यमिता विकास और आय सृजन को बढ़ावा दिया जाएगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय (भारत सरकार) के प्रबंध निदेशक प्रवीर कृष्ण की पहल पर ट्राइफेड के सलाहकार डॉ सतीश चन्द्रा और क्षेत्रीय प्रबंधक शैलेंद्र कुमार राजु ने शनिवार को बीएयू कुलपति डॉ राम शंकर कुरील से मुलाकात की। मौके पर ट्राइफेड के प्रतिनिधियों ने कुलपति से मिलकर प्रधानमंत्री वन धन विकास केंद्र योजना के एमओयू प्रारूप पर चर्चा की और उसे अंतिम रूप दिया।

प्रारूप में बीएयू और ट्राइफेड के संयुक्त सहयोग से राज्य के सभी 24 जिलों में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की तकनीकी मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री वन धन विकास केंद्र योजना के तहत जनजातीय लोगों में उद्यमिता विकास, आय सृजन को बढ़ावा और विपणन प्रबंधन के माध्यम से आजीविका विकास को बढ़ावा देने की बातों को शामिल किया गया।

इसमें केंद्र सरकार, राज्य सरकार, आईसीएआर संस्थान, राज्य के जोहार एवं अन्य हितकारकों के सहयोग से कार्यक्रम को लागू करने पर बल दिया गया है। जिला स्तर पर कार्यक्रम के कार्यान्वयन में कृषि विज्ञान केंद्र और क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिक सहयोग देंगे। बैठक में अगस्त माह के प्रथम सप्ताह में जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार के प्रबंध निदेशक के साथ उच्च स्तरीय राज्यस्तरीय बैठक करने और राज्यस्तरीय ट्राइबल कॉन्क्लेव के आयोजन पर सहमति बनी।

कुलपति डॉ कुरील ने प्रतिनिधियों को बताया कि योजना में वनोत्पाद मात्र अवयव को शामिल कर झारखंड के जनजाति लोंगो का भलाई की बातें पुरानी है। उनके उत्थान के लिए नवाचार प्रयास और राज्य के जनजातीय लोगों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने हुए प्रयास करने की जरूरत है। उनकी आवश्यकताओं के आधार पर उन्हें हाईटेक कृषि, ड्रीप इरीगेशन, बकरी पालन, मुर्गी पालन, गाय पालन, सूकर पालन, मशरूम उत्पादन, मधुमक्‍खी पालन प्रौद्योगिकी, मूल्यवर्धन और प्रसंस्करण से जोड़ने पर बल देना होगा।

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