जिलों के अनुकूल कृषि तकनीकी प्रसार कार्यो पर जोर

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  • केवीके की कृषि प्रसार कार्यक्रमों की बेविनार से समीक्षा

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । बिरसा कृषि विश्‍वविद्यालय के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ आरएस कुरील ने बुधवार को बेविनार के माध्यम से कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) की समीक्षा की। इसमें राज्य के 16 जिलों में संचालित केवीके के वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान ने भाग लिया। मौके पर सभी 16 केवीके की वर्ष 2019-20 के कृषि प्रसार कार्य योजना प्रगति की समीक्षा की गई। वर्ष 2020-21 की कृषि प्रसार कार्य योजना रणनीति पर चर्चा हुई। इसके तहत प्रशिक्षण, एफएलडी, सीएफएलडी, बीज और पौध सामग्री उत्पादन, सीड विलेज, सीड हब, सायल हेल्थ, निकरा, पशु स्वास्थ्य एवं लाभकारी कृषि तकनीकों आदि का केंद्रवार एवं विषयवार समीक्षा की गई। डॉ कुरील सभी केवीके के पिछले वर्ष के प्रगति को संतोषजनक बताया।

डॉ कुरील ने केंद्र से सबंधित कृषि प्रसार कार्य योजना में किसानों को कोविड -19 से बचाव के लिए लगातार सुझाव देने और जिले की स्थानीय परिस्थिति एवं मौसम के आधार पर कृषि तकनीकी प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने वैज्ञानिकों को कस्मिक कृषि कार्य योजना के लिए खरीफ मौसम में सदैव तत्पर रहने पर बल दिया। उन्होंने केवीके, गढ़वा, पलामू, लातेहार, साहिबगंज एवं सरायकेला द्वारा रिलायंस फाउंडेशन के सहयोग 40 किसानों को प्रतिदिन ऑनलाइन ट्रेनिंग के प्रयास की सराहना की। उन्होंने राज्य के सभी केवीके द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर के तहत प्रज्ञा केंद्र के माध्यम से पंचायत एवं ग्राम स्तर तक कृषि विषयक आयोजित हरेक दिनों के ट्रेनिंग के बारे में और किसानों की समस्याओ की जानकारी ली। बैठक में डॉ अशोक कुमार, डॉ श्रीकांत, डॉ अमृत झा, डॉ ललित दास, डॉ रंजय सिंह एवं डॉ शंकर सिंह आदि ने भाग लिया।

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