आठ लाख किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से अब तक लाभान्वित

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । जब किसानों के घरों में समृद्धि आएगी, तब झारखंड खुशहाल बनेगा। किसानों को सशक्त बनाना मुख्यमंत्री रघुवर दास की प्राथमिकता है। किसानों के सशक्तिकरण के लिए मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना शुरू की जा रही है। आगामी 10 अगस्त को राज्य सरकार के इस महत्वाकांक्षी योजना के शुभारंभ पर राज्य के 35 लाख किसानों में से करीब 15 लाख किसानों को प्रथम चरण में योजना की प्रथम किस्त की राशि प्रदान की जाएगी। यह योजना किसानों और राज्य के विकास में मील का पत्थर साबित होगी। कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह ने मंगलवार को सूचना भवन में प्रेस से ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत राज्य के लगभग 8 लाख किसानों को पहले किस्त के तौर पर 6-6 हजार रुपए की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा चुकी है।

किसानों को भेजा गया इजरायल

श्री सिंह ने बताय़ा कि खेती की आधुनिक तकनीक विशेषकर कम पानी में फसल की ज्यादा से ज्यादा पैदावार की जानकारी लेने के लिए 71 किसानों को इजरायल भेजा गया। वहां से आने के बाद ये किसान अपने-अपने जिलों में बतौर मास्टर ट्रेनर अन्य किसानों को बूंद-बूंद सिंचाई पद्धति से कृषि कार्य के लिए प्रशिक्षित कर रहे हैं।

मृदा स्वास्थ्य कार्ड और मोबाइल फोन का वितरण

श्री सिंह ने बताया कि कृषि विभाग की ओऱ से 17 लाख किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड का वितरण किया गया है। मृदा नमूंना की जांच को त्वरित गति देने के लिए सभी पंचायतों में 3,164 मिनी स्वॉयल लैब स्थापित किए गए हैं। इसके साथ सभी किसानों को मोबाइल फोन देने के लिए दो हजार रुपए डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। पूरे राज्य में 260 कृषि सिंगल विंडो सेंटर स्थापित किए गए हैं।

किसानों के बीच 284 करोड़ रुपये वितरित

कृषि मंत्री ने कहा कि फसल बीमा योजना के अंतर्गत 38.59 लाख किसानों के लगभग 16 लाख हेक्टेयर फसलों का बीमा किया गया। 5.24 लाख किसानों के बीच लगभग 284 करोड़ रुपये की राशि क्षतिपूर्ति के रूप में वितरित की गई। उन्होंने बताया कि किसानों के द्वारा भुगतेय प्रीमियम का राज्य सरकार के द्वारा भुगतान किया गया।

जैविक कृषि को बढ़ावा दे रही है राज्य सरकार

कृषि मंत्री ने बताया कि 13 जनजातीय बहुल जिलों में जैविक कृषि को बढ़ावा दिया जा रहा है। इस योजना के तहत एक एकड़ पर एक किसान को हरी खाद उत्पादन, मिश्रित खेती, वर्मीकंपोस्ट, जैविक कीटनाशक आदि के लिए 9,800 रुपये प्रति वर्ष दिए जाते हैं।

दुग्ध उत्पादन में आत्मनिर्भर बन रहा है झारखंड

कृषि मंत्री ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में 59.50 लाख लीटर प्रतिदिन दूध का उत्पादन हुआ है। दुधारु गाय योजना के अंतर्गत 50 हजार ग्रामीण बीपीएल परिवार की महिला लाभुकों को अनुदान पर दुधारु गाय उपलब्ध कराये गये हैं। एक लाख लीटर क्षमता का अति आधुनिक डेयरी प्लांट, एक मिनरल मिक्स्चर प्लांट और बाय-पास प्रोटीन प्लांट की स्थापना की गई है। पलामू, देवघर के सारठ औऱ साहेबगंज में 50 हजार लीटर क्षमता का डेयरी प्लांट खोला गया है।

मछली पालन को कृषि का दर्जा

श्री सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2018-19 में सभी श्रोतों से लगभग 2.08 लाख मैट्रिक टन मत्स्य उत्पादन हुआ है। झारखंड देश का पहला राज्य है, जहां केज कल्चर को अपनाया गया। इसके तहत विभिन्न जलाशयों में 4,527 केजों में मछली पालन से स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध हुआ है। मछली पालन को राज्य में कृषि का दर्जा दिया गया है।

जिलों में कोल्ड स्टोरेज और प्रखंडों में कोल्ड रुम का निर्माण

कृषि मंत्री ने बताया कि कृषि उत्पादनों के बेहतर विपणन के लिए सभी जिलों में 5 हजार मीट्रिक क्षमता का एक-एक कोल्ड स्टोरेज बनाने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ सभी प्रखंडों में कोल्ड रुम बनाए जा रहे हैं। राज्य में कार्यरत सभी लैंम्पस और पैक्स में चरणबद्ध तरीके से गोदाम का निर्माण कराया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव कृषि विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, कृषि निदेशक छवि रंजन, सूचना एवं जनसंपर्क निदेशक रामलखन प्रसाद गुप्ता समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।

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