लॉकडाउन के समय गिरफ्तार हुए अभियुक्तों के संवैधानिक अधिकार पर हुई चर्चा

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  • झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष की पहल पर हुआ एक दिवसीय ऑनलाईन प्रशिक्षण

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । न्यायाधीश सह झालसा क कार्यकारी अधयक्ष एचसी मिश्रा के दिशानिर्देश पर 18 जुलाई को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन गूगल मीट एप से किया गया। इसमें डालसा, रांची के पैनल अधिवक्ता और पीएलवी ने भाग लिया। झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष और सदस्य सचिव एके राय ने वीडियो संवाद से पैनल लॉयर एवं पीएलवी को संबोधित किया। श्री मिश्र ने कहा कि कोरोना काल में डालसा की अहम भूमिका है। जेल में बंद कैदियों और कमजोर वर्ग को संपूर्ण सहायता पहुंचाने का काम किया जा रहा है।

मुख्य वक्ता डालसा के सचिव अभिषेक कुमार, कांके स्थित एनयूएसआरएल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ श्रीमति के श्यामला, विशेषज्ञ मध्‍यस्‍थत (रिटायर्ड डीएसपी) पंचानन सिंह थे।

डालसा के सचिव ने कहा कि लॉकडाउन एवं कोरोना काल में व्यक्तियों के अधिकार को संरक्षित करना आवश्यक है। गिरफ्तार हुए व्यक्ति को रिमांड से पूर्व रिमांड अधिवक्ता से बात करना और अपने पक्ष को रखने का संपूर्ण अधिकार है। जेल में बंद विचाराधीन बंदी किस प्रकार विधिक सहायता ले सकते है, इस पर भी चर्चा की गयी।

डॉ श्यामला ने संविधान पर चर्चा करते हुए महिला और बच्चों के अधिकार के बारे में बताया। महिला और बच्चों पर हो रहे अत्याचार को नियंत्रण करने के विषय पर चर्चा की। समानता के अधिकार पर भी बात की। पंचानन सिंह ने लॉकडाउन के तहत किसे गिरफ्तार किया जा सकता है। पुलिस प्रशासन कैसे काम कार रही है और पैनल अधिवक्ता एवं पीएलवी के कर्तव्‍य पर चर्चा की। महामारी के समय लोगों का पूर्ण सहयोग करने का आग्रह किया।

ज्ञात हो कि लॉकडाडन के कारण सभी प्रशिक्षण कार्यक्रम बंद हो गये थे, लेकिन झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष की पहल पर ऑनलाईन प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ हुआ है। इसके माध्यम से पैनल लॉयर पीएलवी और मध्यस्थों की ट्रेनिंग कराई जायेगी। कोविड-19 पीरियड में कार्यों में तेजी लाने का प्रयास किया जायेगा। प्रशिक्षण में लगभग 100 पीएलवी एवं पैनल अधिवक्ता ने भाग लिया।

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