डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा में घर-घर जाकर ओआरएस उपलब्‍ध कराऐंगी सहिया

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । स्‍वास्‍थ्‍य सचिव डॉ नितिन कुलकर्णी ने रांची के राजकीय औषधालय डोरंडा में बच्चों को ओआरएस पैकेट देकर सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा 2019 की शुरूआत की। पखवाड़ा के दौरान साहिया घर-घर जाकर ओआरएस उपलब्‍ध कराएंगी। इस अवसर पर स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि डायरिया की रोकथाम बच्चे के स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा आवश्यक है। डायरिया का उपचार संभव होने के कारण हम इससे बच्चों के जीवन की रक्षा करने में समर्थ हो सके हैं।

डॉ कुलकर्णी ने कहा कि स्वच्छता समेत कुछ आदतों को अपने व्यवहार में शामिल कर डायरिया की रोकथाम की जा सकती है। खाना खाने से पहले और शौच के बाद दिन में चार या पांच बार साबुन से हाथ धोना चाहिए। पांच साल तक के बच्चों के लिए यह जरूरी है, क्योंकि डायरिया होने की आशंका इनमें ही सबसे ज्यादा होती है।

डॉ कुलकर्णी ने कहा कि इस बार राज्य के लगभग 35 लाख 70 हजार बच्चों तक पहुंच कर उनके लिए ओआरएस का घोल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वर्ष सघन डायरिया नियंत्रण पखवाड़ा के दौरान 21 लाख 35 हजार 8 सौ 14 बच्चों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया था। उम्मीद है कि इस वर्ष अपने लक्ष्य तक पहुंचने में कामयाब होंगे।

स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि बच्चों को 15 दिनों तक जिंक का टैबलेट भी दिया जायेगा। बरसात के दौरान डायरिया होने की आशंका सबसे अधिक रहती है। डायरिया के दौरान जरूरी है कि बच्चे को मिलने वाला स्तनपान जारी रखा जाये। साथ ही साथ उसे उपरी आहार देना भी जारी रखना चाहिए।

कार्यक्रम में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं, झारखंड डॉ राजेन्द्र पासवान, राज्य मलेरिया पदाधिकारी विजय नाथ खन्ना, निदेशक आईपीएच डॉ संजय कुमार, आईईसी कोषांग प्रभारी डॉ जेपी सांगा, शिशु स्वास्थ्य कोषांग के डॉ अजीत प्रसाद, डॉ एम ई अशरफ, डॉ वीबी प्रसाद, डॉ एसबी खलखो, यूनिसेफ के डॉ राहुल कापसे, एनएचएम के विभिन्न कोषांगों के परामर्शी और अन्य स्वास्थ्य कर्मचारी उपस्थित थे।

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