प्राथामिक उर्दू और सहायक शिक्षकों के बचे पदो को समाप्त नहीं करने की मांग

0

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । झारखंड छात्र संघ ने जिलावार प्राथामिक उर्दू और सहायक शिक्षकों के बचे पदो को समाप्त करने के निर्णय पर रोक लगाने की मांग की। इस मामले को लेकर संघ का शिष्‍टमंडल बुधवार को प्रथामिक शिक्षा निदेशक विनोद कुमार से मिला। छात्र संघ अध्यक्ष एस अली ने कहा कि शिक्षा विभाग की गलत नियमावली और निर्णय के कारण कक्षा 1 से 5 उर्दू शिक्षक के 3701 पद खाली रह गये। सहायक शिक्षक के भी पद रिक्त पड़े है।

स्नातक प्रशिक्षित टेट उतीर्ण हजारों अभ्यर्थी 2013 से नियुक्ति के इंतजार में उम्र गंवा रहे हैं। उनसे कक्षा 1 से 5 के रिक्त पदों को भरा जा सकता है। इस संर्दभ में राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद द्वारा 2018 में सभी राज्यों को निर्देश भी दिए गए हैं।

श्री अली ने कहा कि 2016 में 10 हजार उत्क्रमित मध्य विधालयों में तीन शिक्षकों के पद सृजित करने का शिक्षा विभाग ने निर्णय लिया था। हालांकि पद सृजित करने के बजाय स्कूलों को ही मर्ज कर दिया गया। वर्तमान में सात हजार उत्क्रमित मध्य विधालयों हैं, जहां 21 हजार शिक्षकों के पद सृजित कर 2013 और 2016 में टेट पास अभ्यर्थियों को से भरा जा सकता है। हालांकि शिक्षा विभाग प्रारम्भिक शिक्षा में सुधार करने के बजाय इसे समाप्त करने में लगा हुआ है।

निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि उर्दू शिक्षकों के पदों को समाप्त नही किया जाएगा। नियमवली में संशोधन होना है, जिसके बाद स्नातक प्रशिक्षित को भी कक्षा 1 से 5 में शिक्षक बनने को मौका मिलगा। उन्होंने पद सृजन जल्द शुरू करने का भरोसा दिया। मौके पर रंजीत उरांव, मोईज अहमद भी मौजूद थे।

Leave A Reply

Your email address will not be published.