डालसा ने 12 जिलों के मध्यस्थों को दि‍या ऑनलाईन प्रशिक्षण

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  • लगभग 50 मध्यस्थों ने भाग लिया

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । न्यायाधीश सह झालसा के कार्यकारी अध्‍यक्ष एचसी मिश्रा के दिशा-निर्देश पर 28 अगस्‍त को एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन गूगल मीट ऐप से किया गया। उक्त कार्यक्रम के वक्ता डालसा सचिव अभिषेक कुमार, विशेषज्ञ मध्‍यस्‍थ पीएन सिंह, अधिवक्‍ता मध्‍यस्‍थ श्रीमति मनीषा रानी ने अपने विचार रखें।

सचिव ने कहा कि रांची, बोकारो, चाईबासा, गिरिडीह, चतरा, गोडडा, देवघर, गुमला, धनबाद, खूंटी, दुमका, गढ़वा जिले के अधिवक्ता मध्यस्थ और विशेषज्ञ मध्यस्थ को ई-लर्निंग प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे राज्‍य के 12 जिलों के मध्यस्थों में और अधिक निपुणता आ रही है। लॉकडाउन के समय में भी वर्चुअल मध्यस्थता के माध्यम से उल्लेखनीय संख्या में वादों में मध्यस्थता सफल हो रही है। इस ट्रेनिंग में मध्यस्थ वर्चुअल मीडिएशन की चुनौतियों का सफलतापूर्वक निष्‍पादन के लिए प्रशिक्षित हो रहे है। आम लोगों को आने-जाने की परेशानी अन्य दिक्‍कतों से राहत मिल रही है।

विशेषज्ञ मध्यस्थ ने कहा कि मानव समाज में आपस में मतभेद होना स्वाभाविक है, लेकिन ये हिंसा तक नहीं जायें, इसके लिए मध्यस्थता के माध्यम से अपनी आपसी विवादों को निबटाने के लिए आगे आना चाहिए। मध्यस्थता आज के समय में एक अमोद स्तंभ है, जिससे लोगों के बीच में फिर से भाईचारा और प्रेम बनाया जा सकता है। अधिवक्ता मध्यस्थ ने कहा कि मध्यस्थता के माध्यम से बड़े-बड़े विवादों का हल किया जा सकता है। इसका साकारात्मक प्रभाव व्यक्ति, परिवार और समाज में देखा जा सकता है। उन्होंने मध्यस्थता के तरीकों और मध्यस्थता के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से अपनी बातें रखी। अन्य जिलों के मध्यस्थों द्वारा उठाये गये प्रश्नों का उत्तर दिया।

इस कार्यक्रम में बोकारो के मध्यस्थ एके राय, आफताब आलम और गढ़वा के मध्यस्थ संजय पाण्डेय ने भी अपने विचार रखें। ज्ञात हो कि रांची झालसा द्वारा मध्यस्थ कार्यवाही को प्रभावी बनाने के लिए राज्य के सभी मध्यस्थों को ऑनलाईन माध्यम से जोड़कर ई-लर्निंग प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। इसी दिशा में एकदिवसीय ई-लर्निंग प्रोग्राम आयोजित किया गया था।

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