स्मार्ट रोड गुणवत्ता की समय-समय पर करें जांच करें

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दैनिक झारखंड न्यूज

रांची । नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सीपी सिंह ने कहा कि रांची में बन रहे स्मार्ट सड़क के निर्माण में जो मटेरियल का इस्तेमाल हो रहा है, उसकी गुणवत्ता की समय-समय पर जांच कराई जाए। निर्माण कंपनी के कार्य की टाइम टू टाइम अधिकारी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने आदेश दिया कि स्मार्ट रोड के निर्माण में यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्माण के बाद किसी भी प्रकार के केबल इत्यादि लगाने के दौरान सड़क को दोबारा काटा नहीं जाए। यूटिलिटी डक्ट को दोबारा तोड़ा नहीं जाए। यूटिलिटी डक्ट के ऊपर से ढलाई से पहले उसकी पूरी तरह से सफाई सुनिश्चित हो। ड्रेनेज में भी पानी के बहाव के लिए लेवल की जांच सुनिश्चित करने के बाद ही ऊपर से कवर की ढलाई हो। श्री सिंह रविवार को रांची में बन रहे स्मार्ट सड़क का निरीक्षण किया। इस क्रम में अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

श्री सिंह ने कहा कि स्मार्ट रोड निर्माण के बाद कहीं भी सड़क पर अस्त-व्यस्त स्थिति में इलेक्ट्रिक केबल लटकता हुआ नहीं दिखे। सड़कों के किनारे पहले से लगे पेड़ को सुरक्षित रखते हुए काम किया जाए। कोशिश हो कि कम से कम पेड़ कटे। उन्होंने कहा कि सड़क के निर्माण के बाद दोनों तरफ पौधारोपण किया जाए, ताकि आने वाले समय में फुटपाथ और साइकिल लेन में चलने वाले लोगों को छाया भी मिले। पर्यावरण सुरक्षित रहें। जिन इलाकों में सड़क के किनारे पहले से नाला बना है उसके साथ छेड़छाड़ नहीं करना पड़े।

निरीक्षण के क्रम में जुडको की ओर से पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए स्मार्ट रोड के प्रारूप, उससे होने वाले फायदे और स्मार्ट रोड में उपलब्ध फीचर्स की जानकारी दी गई। निर्माण में इस्तेमाल हो रहे चिप्स, स्टील और अन्य मटेरियल की काफी बारीकी से जानकारी दी गई।

राजधानी रांची में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत राज्य मद से चार सड़कों को स्मार्ट बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इसमें एयरपोर्ट से लेकर बिरसा चौक तक, बिरसा चौक से लेकर राजभवन तक, राजभवन से लेकर बूटी मोड़ तक और राजभवन से सर्कुलर रोड होते हुए कांटा टोली तक की सड़क शामिल है। इन सड़कों में सड़क के किनारे ड्रेनेज, वाटर सप्लाई पाइप लाइन, ऑप्टिकल फाइबर, इलेक्ट्रिक वायर के लिए यूटिलिटी डक्ट का निर्माण हो रहा है। यह सारी सुविधाएं अंडरग्राउंड होंगी। केवल स्ट्रीट लाइट के लिए पोल बाहर दिखाई देगा। बिजली के तार भी अंडरग्राउंड रहेंगे। इसके साथ ही सड़क के किनारे साइकिल लेन, फुटपाथ और जगह-जगह पर बस स्टॉप रहेंगे। इन यूटिलिटी डक्ट का इस्तेमाल टेलीकॉम कंपनियां भी अपने ऑप्टिकल फाइबर के लिए कर सकते हैं, जिससे सरकार को राजस्व की प्राप्ति भी होगी।

निरीक्षण के के क्रम में जुडको के परियोजना निदेशक (तकनीकी) राजीव कुमार वासुदेवा, स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन लिमिटेड के जीएम राकेश कुमार नंदक्योलियार, जुडको के जीएम अशोक प्रसाद सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

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