बाबूलाल मरांडी अविलंब नेता प्रतिपक्ष घोषित हो : दीपक प्रकाश

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  • भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर हस्तक्षेप की लगाई गुहार

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । प्रदेश भाजपा का एक प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश अध्यक्ष एवं सांसद दीपक प्रकाश के नेतृत्व में 7 अगस्‍त को राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की। एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी के प्रदेश महामंत्री आदित्य साहू और डॉ प्रदीप वर्मा भी प्रतिनिधिमंडल में शामिल थे।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हेमंत सरकार लोकतंत्र की हत्या कर रही है। नेता प्रतिपक्ष की घोषणा को लेकर सरकार की मंशा ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री प्रतिपक्ष के नेता के बिना ही विधानसभा का संचालन चाहते हैं। मुख्यमंत्री के बयानों में कई बार उनकी यह मंशा उजागर हो चुकी है। ऐसा लगता है कि सरकार के इशारे पर विधानसभा अध्यक्ष भी नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नहीं कर रहे हैं।

श्री प्रकाश ने राज्यपाल से इस संदर्भ में हस्तक्षेप की गुहार लगाते हुए कहा कि बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने वाली झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का 11 फरवरी, 2020 को भारतीय जनता पार्टी में विधिवत विलय हो चुका है। चुनाव आयोग ने 6 मार्च 2020 को इस विलय की मान्यता प्रदान कर दी है। राज्यसभा चुनाव की वोटिंग में चुनाव आयोग ने श्री मरांडी को भाजपा विधायक के रूप में मान्यता प्रदान की। विलय के पूर्व जेवीएम से पार्टी विरोधी गतिविधियों के कारण निष्कासित दो विधायकों प्रदीप यादव और बंधु तिर्की द्वारा जेवीएम का कांग्रेस में विलय को चुनाव आयोग ने अमान्य कर दिया। पार्टी के कंघी सिंबल को भी फ्रिज कर दिया गया है।

श्री प्रकाश ने कहा कि भाजपा ने बार बार इन सारी बातों की लिखित जानकारी विधानसभा अध्यक्ष को दी है। उन्‍होंने कहा कि आज सदन में पार्टी के 26 विधायक हैं। विधानसभा में 32 प्रतिशत सदस्यों के साथ भाजपा विपक्ष की सबसे बड़ी पार्टी है। नेता प्रतिपक्ष की सभी अर्हताओं को पूरा करने के बाद भी विधानसभा अध्यक्ष के द्वारा नेता प्रतिपक्ष की घोषणा नही की जा रही।

श्री प्रकाश ने कहा कि प्रदेश में लोकतंत्र की परंपरा और मर्यादाओं का सत्ता पक्ष द्वारा मखौल उड़ाया जा रहा। इसलिये पार्टी राज्य के संवैधानिक प्रधान के पास निवेदन करने आई है। लोकतंत्र को बचाने केलिये हस्तक्षेप की आवश्यकता है। श्री प्रकाश ने राज्‍यपाल से अनुरोध करते हुए कहा कि श्री मरांडी को अविलंब नेता प्रतिपक्ष घोषित करते हुए उन्हें सभी संवैधानिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक निर्देश देने की कृपा की जाए।

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