पंचायत सचिव नियुक्ति : दस्‍तावेज सत्‍यापन के 11 माह बाद भी अंत‍िम मेर‍िट ल‍िस्‍ट जारी नहीं

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने दस्‍तावेज सत्‍यापन करने के 11 माह बाद भी मेरिट लिस्‍ट जारी नहीं किया। अभ्‍यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। इसके बाद भी सरकार और आयोग के कान में जू तक नहीं रेंग रहा है। इससे अभ्यर्थी परेशान हैं। उम्र और समय दोनों निकला जा रहा है।

अभ्‍यर्थियों का कहना है कि आयोग नियोजन नीति के मामला कोर्ट में लंबित होने की बात कहकर अंतिम मेधा सूची प्रकाशित नहीं कर रहा। जबकि उसी नियोजन नीति (पत्रांक-5938) के तहत अन्य एजेंसियों (DRDA) ने संविदा आधारित बहालियां इसी वर्ष में की हैं। अभ्यर्थी रजनी कुमारी ने कहा कि सोनी कुमारी केस में हाईकोर्ट द्वारा केवल हाई स्कूल शिक्षकों की बहाली पर ही रोक लागू है। आयोग JSSC IS (CKHT) 2016 परीक्षा के रिजल्ट प्रकाशन पर नहीं  है।

आयोग ने वर्ष 2017 में 3088 पदों के लिए विज्ञापन निकाला। इसमें 6 तरह के पोस्ट थे। दो तरह के पोस्ट जिला स्तर और चार तरह के पोस्ट राज्यस्तर के थे। पंचायत सचिव पद के लिए 50 प्रतिशत सीट महिलाओं के लिए आरक्षित की गई थी। इस वेकेंसी के लिए लिखित परीक्षा 21, 28 जनवरी और 4 फरवरी 2018 को हुई। सफल अभ्यर्थियों का स्किल और टाइपिंग टेस्ट 1 जुलाई से 8 जुलाई, 2019 तक हुआ। उसके बाद इसमें सफल अभ्यर्थियों का डाक्यूमेंट्स वेरीफिकेशन 27 अगस्त से 31 अगस्त और 3 सितंबर से 7 सितंबर, 2019 तक दो पालियों में किया गया। डाक्यूमेंट्स वेरीफिकेशन के 11 माह बीत जाने के बाद भी फाइनल मेरिट लिस्ट का प्रकाशन नहीं किया गया है।

अभ्‍यर्थी रजनी कुमारी ने बताया कि रघुवर सरकार ने परीक्षा को पूरा कराने में बेवजह देरी की। नई सरकार बने 6 महीना हो जाने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है। परीक्षार्थि‍यों का कहना है कि आयोग से रिजल्ट के बारे में पूछे जाने पर जवाब मिलता है कि नियोजन नीति (संख्या 5938) पर झारखंड हाईकोर्ट की तरफ से स्टे लगा हुआ है। इसलिए मेरिट लिस्ट का प्रकाशन नहीं हो रहा है। परीक्षार्थियों का कहना है कि पूर्व महाधिवक्ता ने साफ शब्दों में कहा था कि पंचायत सचिव नियुक्ति पर कोई स्टे नहीं है।

अभ्यर्थी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। अभ्‍यर्थी गुलाम हुसैन, निहाल शर्मा, रमेश लाल, रजनी कुमारी, नेहा प्रवीण, प्रिंस कुमार, धर्मेंद्र पंडि‍त, अनुज कुशवाहा, सुमित अंदाजा, आलोक आनंद व अन्य का कहना है कि 22 जनवरी, 2020 को नियोजन नीति पर सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने भी मौखिक तौर पर कहा था कि पंचायत सचिव की नियुक्ति पर कोई स्टे नहीं है। विज्ञापन पर रोक नहीं लगाया गया है। साथ ही, 11 जिला पर कोई रोक नहीं है। फिर भी, सरकार और सरकारी सिस्टम 4913 पंचायत सचिव के भविष्य को दरकिनार कर रहा है।

अभ्यर्थी अमरदीप राउत ने बताया कि पंचायत सचिव के साथ राजस्व कर्मचारी का भी विज्ञापन निकला था। राजस्‍व कर्मचारी की नियुक्ति हो गई। JSSC ने अनेकों विज्ञापन निकाला और नियुक्ति भी हुई। पंचायत सचिव के बाद राजस्व कर्मचारी, दरोगा, आईआरबी, रेडियो ऑपरेटर और वायरलेस दरोगा की वेकेंसी निकाली गई। इनकी नियुक्ति भी हो गई। सब ज्‍वाइन कर सैलरी भी उठा रहे हैं, पर पंचायत सचिव की अंतिम मेधा सूची नहीं जारी हो रही है। इस पर कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा है। छात्र महामारी के इस काल में लगातार आंदोलनरत हैं।

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