स्‍वतंत्रता दिवस पर CM हेमंत सोरेन की घोषणा : अनुबंध कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के लिए बनेगी उच्चस्तरीय समिति

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  • राज्य की सरकारी नियुक्तियों में अन्य पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में भागीदारी बढ़ाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा
  • झारखंडवासियों की भावनाओं के अनुरूप स्थानीयता को पुनः परिभाषित करने के उद्देश्य से एक समिति का गठन किया जाएगा
  • निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी स्थानीय लोगों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत पद आरक्षित करने के लिए नियम बनाने का काम सरकार कर रही

दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । झारखंड की राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में 74वें स्वतंत्रता दिवस पर मुख्य राजकीय समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झंडोतोलन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने परेड का निरीक्षण किया और राज्यवासियों को संबोधित किया. मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में देश के स्वाधीनता आंदोलन में वीर-शहीदों को नमन करते हुए राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जनता को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास और लोगों की सुख समृद्धि के लिए सरकार कृत संकल्प है। विभिन्न विभागों में अनुबंध कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

देश के विभूतियों और वीर-शहीदों को श्रद्धा सुमन

मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरु, डॉ राजेंद्र प्रसाद, सरदार वल्लभ भाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह जैसे चमत्कारिक व्यक्तित्वों के साथ भगवान बिरसा मुंडा, अमर शहीद सिद्धो-कान्हू, नीलांबर-पीतांबर, शेख भिखारी जैसे सपूतों के प्रति श्रद्धा सुमन अर्पित कि‍या। उन्‍होंने कहा कि इन महान विभूतियों की महानता, कुशल नेतृत्व, कर्मठता, दूरदर्शिता एवं संघर्षगाथा आज भी हमारे जीवन के लिए प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि हमारे स्वतंत्र भारत की नींव में असंख्य राष्ट्रभक्तों और महापुरुषों का त्याग और समर्पण समाहित है। इस महापर्व पर देश की स्वाधीनता के लिए अपना अमूल्य योगदान देने वाले सभी स्वतंत्रता सेनानियों को कोटि-कोटि नमन है।

सीमा की सुरक्षा में तैनात वीर सैनिकों को नमन

मुख्यमंत्री ने अपने साहस और शौर्य से देश की सीमा की सुरक्षा में तैनात वीर सैनिकों और लद्दाख क्षेत्र की गलवान घाटी में देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए शहीद हुए झारखंड के वीर गणेश हांसदा और कुणाल ओझा एवं कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए कुलदीप उरांव को नमन करते हुए कहा कि सरकार सभी वीर शहीदों के परिजनों को सम्मान देने का कार्य कर रही है। देश की अर्थव्यवस्था में ही नहीं, देश की रक्षा और सुरक्षा में भी झारखंडवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया है। हमारे झारखंड के वीर श्रमिक सीमा की रक्षा हेतु दुर्गम क्षेत्रों में सड़क निर्माण का कार्य कर रहे हैं। इसमें झारखंड के सपूत शिव ठाकुर सोरेन का बलिदान झारखंड हमेशा याद रखेगा।

लॉकडाउन में सरकार ने उठाए कई कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमारे सामने कई चुनौतियां पेश की। देशव्यापी लॉक डाउन के कारण राज्य के बाहर फंसे झारखंड के श्रमिकों के लिए रहने और खाने की व्यवस्था समेत उनकी अन्य समस्याओं के समाधान करना सरकार के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी। सरकार ने समय से राहत पहुंचाने का काम किया और यही वजह है कि हमारे राज्य में भूख से किसी की मौत नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा राज्य के लगभग पांच लाख से अधिक प्रवासी श्रमिक दूसरे राज्यों में लॉकडाउन की वजह से फंस गए थे। रेल मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर लगभग प्रवासी श्रमिकों को विशेष ट्रेनों के जरिए झारखंड वापस लाया गया। इसके अलावा अंडमान निकोबार और लेह-लद्दाख में फंसे श्रमिकों को एयरलिफ्ट कर वापस लाया गया। यह श्रमिक भाईयों के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और उनकी सकुशल वापसी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दिखाता है।

रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाओं की शुरुआत

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना महामारी से उत्पन्न परिस्थितियों के बीच प्रवासी श्रमिकों को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार ने मनरेगा एवं अन्य योजनाओं के तहत तीन महत्वपूर्ण योजनाओं को शुरू किया है। इसमें बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत फिलहाल 27 हजार एकड़ भूमि पर बागवानी का कार्य किया जा रहा है। नीलांबर-पीतांबर जल समृद्धि योजना के तहत राज्य में वर्तमान में 11, 898 योजनाओं को पूर्ण कर लिया गया है और कुल 83, 385 योजनाओं पर कार्य जारी है। वीर शहीद पोटो हो खेल विकास योजना के तहत 1224 योजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अबतक 344.62 लाख मानव दिवस सृजित किए जा चुके हैं। मनरेगा में समसय मजदूर भुगतान में झारखंड राज्य पूरे देश में पहले स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से लगभग 25 करोड़ रुपये की सहायता राशि का हस्तांतरण भी किया गया।

मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना के तहत सहायता

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संकट को देखते हुए गरीबों को उस क्षेत्र के विधायक की अनुशंसा पर एक हजार रुपए और राज्य के बाहर फंसे प्रवासी श्रमिकों को दो हजार रुपए की राशि हस्तांतरित करने के लिए राज्य के सभी विधायकों को अधिकतम 25 लाख रुपए व्यय करने का अधिकार मुख्यमंत्री मानव सेवा योजना के अंतर्गत दिया गया। श्री सोरेन ने यह भी बताया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 में मनरेगा के तहत पूरे राज्य में दस करोड़ मानव दिवस सृजित करने के लिए 3578 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

शहीद निर्मल महतो श्रमिक महासंघ संस्था होगी गठित

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों को सुरक्षित और सतत रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उन्हें व उनके परिजनों के कल्याण के लिए शहीद निर्मल महतो श्रमिक महासंघ के गठन करने का निर्णय लिया है। इसके साथ शहरी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए शहरी रोजगार गारंटी योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत इच्छुक परिवार को वर्षभर में सौ दिनों के रोजगार की गारंटी दी गई है। काम नहीं देने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

सभी मेडिकल कॉलेजों के नाम में हुआ परिवर्तन

मुख्यमंत्री इस मौके पर पलामू मेडिकल कॉलेज का नाम मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, हजारीबाग मेडिकल कॉलेज का नाम शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल और दुमका मेडिकल कॉलेज का नाम फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अलावा पाटलिपुत्रा मेडिकल कॉलेज का नाम शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल करने की घोषणा की।

आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित होंगे स्कूल

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के पांच हजार विद्यालयों को शिक्षक-छात्र अनुपात, प्रशिक्षक सहित खेल का मैदान, पुस्तकालय आदि सुविधाओं से युक्त करते हुए सोबरन मांझी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित करने का सरकार ने निर्णय लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि हो, कुडुख और मुंडारी भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल कराने लिए सरकार प्रयासरत है।

खिलाड़ियों को नौकरियों में आरक्षण का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जल्द ही खेल नीति लागू करने जा रही है। इसका मकसद खेल और खिलाड़ियों के विकास पर फोकस करना है। इसके अलावा नई खेल नीति में राष्ट्रीय और अंतराष्ट्रीय स्तर पर पदक विजेता खिलाड़ियों को नौकरियों में आरक्षण देने का भी प्रावधान किया जा रहा है।

शुरू की जा रही है मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण इलाकों में रह रहे लोगों के पास उपलब्ध बकरी, मुर्गी और सूकर पालन उनके लिए एटीएम की तरह है। इसके अलावा किसानों को आय का एक सशक्त स्रोत उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना शुरू की जा रही है।

कृषि एवं वनोत्पाद सहकारी महासंघ के गठन का निर्णय

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड के वनों में लाह, साल, शहद, इमली, तसर सिल्क, महुआ आदि जैसे अनेक उत्पाद बहुतायत में मिलते हैं। इनके उचित संग्रहण एवं विपणन की व्यवस्था के लिए सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोत्पाद सहकारी महासंघ के गठन का निर्णय लिया है। इसके तहत पंचायत स्तर पर प्राथमिक सहकारिता समिति का गठन किया जाएगा। इन प्राथमिक समितियों के माध्यम से कृषि उपकरण बैंक का भी संचालन किया जाएगा।

प्रतिबिंबित करता है नया प्रतीक चिन्ह

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को नया प्रतीक चिन्ह मिला है। यह प्रतीक चिन्ह यहां की सांस्कृतिक धरोहर, वन संपदा और समृद्धि को सही रुप में प्रतिबिंबित करता है।

समारोह में इन प्लाटूनों की रही भागीदारी

भारतीय पुलिस सेवा के परीक्ष्यमान अधिकारी और वर्तमान में हटिया (रांची) के सहायक पुलिस अधीक्षक विनीत कुमार के नेतृत्व में 13 प्लाटूनों की भागीदारी इस समारोह में रही। इनमें सीआरपीएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, सीआईएसएफ, झारखंड जगुआर, जैप-1, जैप-2, जैप-10, रांची जिला पुलिस (डीएपी), रांची पुलिस (महिला), झारखंड गृहरक्षा वाहिनी, भारत स्काउंट एंड गाइड (ब्वॉयज) और भारत स्काउट एंड गाइड (गर्ल्स) शामिल थी। इसके अलावा जैप-1, जैप-10 और झारखंड गृह रक्षा वाहिनी की बैंड टीम की भागीदारी स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित मुख्य राजकीय समारोह में रही।

इस अवसर पर मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, पुलिस महानिदेशक एमवी राव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजीव अरुण एक्का, वरीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी, टाना भगत व अन्य उपस्थित थे।

भाषण की महत्वपूर्ण बातें

राज्य में सड़कों जाल जाल बिछाने के लिए 3384 करोड़ रुपए का बजट में प्रावधान किया गया है। इससे 900 किमी पथ एवं 25 पुल निर्माण का कार्य होगा।

राज्य की सरकारी नियुक्तियों में अन्य पिछड़ी जाति, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के आरक्षण में भागीदारी बढ़ाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

विभिन्न विभागों में अनुबंध कर्मियों की समस्याओं के निराकरण के लिए उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाएगा।

झारखंडवासियों की भावनाओं के अनुरूप स्थानीयता को पुनः परिभाषित करने के उदेश्य से एक समिति का गठन किया जाएगा।

निजी क्षेत्र की नौकरियों में भी स्थानीय लोगों के लिए कम से कम 75 प्रतिशत पद आऱक्षित करने हेतु नियम बनाने का काम सरकार कर रही है।

महिलाओं और अवयस्कों के विरुद्ध होनेवाले यौन उत्पीड़न एवं अन्य अपराधों पर त्वरित निर्णय के लिए 22 फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का निर्णय लिया गया है।

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