कृषि छात्रों ने रिमोट सेंसिंग और स्‍वॉयल मैपिंग की तकनीकों को सीखा

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । बिरसा कृषि विश्वविद्यालय के अधीन संचालित कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने कांके स्थित स्‍वॉयल एवं लैंड यूज़ सर्वे ऑफ इंडिया संस्थान का भ्रमण किया। कांके स्थित रांची कृषि महाविद्यालय के 80 छात्र–छात्राएं बुधवार और गढ़वा स्थित कृषि महाविद्यालय के 60 छात्र–छात्राएं गुरूवार को वहां गए।

संस्थान के वैज्ञानिकों डॉ दिनेश पटेल, डॉ वीरेंद्र गिरी, डॉ सियाराम सिन्हा और डॉ पीके साहु ने उन्‍हें रिमोट सेंसिंग और स्‍वॉयल स्वायल मैपिंग की तकनीकों की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्हें बताया कि रिमोट सेंसिंग के माध्यम से किस तरह आकड़ों का संग्रह किया जाता है। प्राप्त आकड़ों से किस तरीके से स्वॉयल मैप बनाया जा सकता है। छात्रों को रिमोट सेंसिंग के माध्यम से वाटरशेड मैप और कृषिगत विभिन्न मैप निर्माण के बारे में भी बताया गया।

छात्रों ने सेटेलाइट का कृषि कार्यो में उपयोग के बारे में जानकारी ली। छात्र दल का नेतृत्व मृदा वैज्ञानिक डॉ अरविन्द कुमार, डॉ मानस डेंगरे और रिसर्च फेलो स्वाति ने किया। मृदा विभाग के अध्यक्ष डॉ बीके अग्रवाल ने बताया कि स्वॉयल मैपिंग की तकनीक कृषि सबंधी विभिन्न योजनाओं के विकास और मृदा समस्या की पूरी जानकारी में उपयोगी साबित हो रही है। आधुनिक कृषि में नीति निर्माता और योजनाकार इन तकनीकों का काफी प्रयोग कर रहे हैं।

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