आदिवासी अधिकार मंच का धरना, भूमिहीन दलितों को हड़पी गई जमीन को वापस दिलाने की मांग

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

रांची । आदिवासी अधिकार मंच के तत्वावधान में रांची जिले के कांके प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर में 5 नवंबर को धरना दिया गया। इसकी अध्यक्षता प्रदेश संयोजक आलोका कुजूर ने की। इस अवसर पर कांग्रेस खेल विभाग के प्रदेश महासचिव नीरज भोक्ता ने कहा कि कांके अंचल के हल्का दो, मौजा सुकुरहुट्टू में (खाता संख्या 455, प्लॉट संख्या 6373) में वर्ष 1981 को इंदिरा गांधी के कार्यकाल में 76 भूमिहीन दलित परिवारों को घर बनाकर भूखंड आवंटित किया गया था। इस भूखंड को भू माफियाओं ने वर्तमान में हड़प लिया है। इसे सीओ अनिल कुमार और उच्च अधिकारी प्राथमिकता देते हुए भूमिहीन दलित-हरिजन परिवारों को पुनः वापस दिलाएं। शीघ्र इन लोगों को अगर भूमि वापसी नहीं की गई तो जन आंदोलन किया जाएगा।

मंच की प्रदेश संयोजक आलोका कुजूर ने कहा कि वर्तमान में देश संकट के दौर से गुजर रहा है। केंद्र सरकार व्यापक बदलाव कानूनों में कर रही है। जो जनता के साथ धोखा है। उन्होंने रांची मास्टर प्लान 2037 को रद्द करने की मांग की। साथ ही कृषि अध्यादेश 2020 को वापस लेने की भी मांग की है। आवश्यक वस्तु अधिनियम 1925 में संशोधन करने, मंडी समिति और एएमपी समिति का अध्यादेश वापस लेने की मांग की है। धरना को कांग्रेसी नेता विनोद साहू, अर्पणा बाड़ा, दशरथ मुंडा ने भी संबोधित किया। उन्‍होंने अधिकारियों को गरीब, मजदूर, दलितों के लिए नि:स्वार्थ भाव से काम करने की सलाह दी। कहा कि जनता अब जाग चुकी है, जो भ्रष्टाचार और शोषण बर्दाश्त नहीं करेगी।

नेताओं ने कहा कि महिलाओं के ऊपर हो रहे अत्याचार को लेकर अधिकारी सजग रहें। इन्हें सुरक्षा प्रदान करें। धरना में कांग्रेसी नेता नीरज भोक्ता, आलोका कुजूर, जगदीश लोहरा, अर्पणा बाड़ा, विनोद साहू, मुकुल नायक, नैना देवी, जितेन देवी, रविंद्र कुमार, गौरी देवी, पूजा देवी, आशा देवी, रीता देवी सहित दर्जनों महिला पुरुष शामिल हुए।

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