मानदेय नहीं मिलने से आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं पारा शिक्षक, आंदोलन के मूड में, देखें वीडियो

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अरविंद अग्रवाल

पलामू । जिले के छतरपुर मुख्यालय में 251 पारा शिक्षकों को आर्थिक से जूझ रहे हैं। उन्‍हें 15 माह से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इससे कोरोना संकट और लॉकडाउन में उनकी स्थिति बद से बदतर हो गई है। मानदेय भुगतान की मांग को लेकर उन्‍होंने धरना दिया। अब वे उग्र आंदोलन करने के मूड में हैं।

दो दिवसीय धरना दिया

छतरपुर मुख्यालय के पारा शिक्षकों ने बीआरसी कार्यालय छतरपुर के प्रांगण में ‘अपना विचार अपना अधिकार’ के तहत दो दिवसीय धरना दिया। इसकी अध्यक्षता दिनेश कुमार और संचालक जफरुद्दीन अंसारी के द्वारा किया गया। पारा शिक्षक दिनेश कुमार, जफरुद्दीन अंसारी, सुनील कुमार यादव, सत्यदेव सिंह, आलोक सिंह, रघु रविदास, कुसुम कुमारी, प्रियंका कुमारी, उपेंद्र कुमार, सुनीता देवी, प्रभा देवी सहित अन्‍य ने कहा कि वे पाई-पाई को तरस रहे हैं। उनके परिवार में भोजन के भी लाले पड़ने लगे हैं। सबसे अधिक परेशानी तो बीमार पारा शिक्षक और उनके परिजनों को हो रही है। वे आर्थिक तंगी के कारण इलाज भी नहीं करा पा रहे हैं।

वैद्य-अवैध बताकर मानदेय रोका

शिक्षकों ने बताया कि संबंधित विभाग द्वारा वैद्य अवैध बातकर उनका मानदेय रोका जा रहा है। यह उचित नहीं है। शिक्षकों ने बताया कि 15 महीनों से कार्यरत पारा शिक्षकों की संख्या 251 है। जिनसे सभी कार्य लिया जा रहा है। कोविड- 19 के महामारी में भी सभी शिक्षकों ने सरकार के निर्देशानुसार घर -घर जाकर चावल, पोषाहार का वितरण, राशि प्रतिपूर्ति की राशि बांटने, बच्चों का ऑनलाइन पठन-पाठन का कार्य को  संचालित करते रहे हैं। चुनाव कराने, पीडीएस जन वितरण प्रणाली की दुकान, कोविड-19 में क्‍वारंटाइन सेंटर में ड्यूटी भी कर रहे हैं। इसके बावजूद भी पारा शिक्षकों का 15 महीना का मानदेय लंबित है। भुगतान के अभाव में बहुत से पारा शिक्षकों का स्थिति दयनीय हो गयी है। यहां तक अपने परिवार को भरण पोषण करना भी मुहाल हो गया है।

लंबित मानदेय का भुगतान करें

शिक्षकों ने कहा कि लंबित मानदेय भुगतान करने की चर्चा करने पर सरकारी पदाधिकारियों द्वारा सिर्फ आश्वासन दिया जा रहा है। भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह चिंतनीय है। पारा शिक्षकों ने सरकार और विभाग से लंबित मानदेय की अभिलंब भुगतान की मांग की है।

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