निर्जला व्रत रखकर सदा सुहागिन रहने का मांगा वर

0

दैनिक झारखंड न्‍यूज

लोहरदगा । अखंड सौभाग्य के लिए महिलाओं ने शुक्रवार को हरतालिका तीज व्रत रखा। शहर से लेकर गांव तक विवाहिताओं ने पति के लिए पूरे दिन अन्न और जल ग्रहण नहीं किया। वहीं शाम होते ही शिव मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की। पति के दीर्घायु होने और परिवार की सुख समृद्धि की कामना की। पति, सास और ससुर समेत बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लिया।

नए वस्त्र धारण कर हाथ में मेहंदी, पैर में महावर समेत सोलहों श्रृंगार किया। इसके बाद नजदीक के शिवालयों और घरों में केले का मंडप बनाकर भगवान शिव और मां पार्वती का चित्र स्थापित किया। सामर्थ्य के अनुसार फल-फूल, मिष्ठान, गंगाजल आदि चढ़ाया। पुरोहित से हरितालिका व्रत की कथा सुनी। कथा समाप्त होने के बाद पुरोहित का आशीर्वाद लिया और दान-पुण्य किया।

हिदू धर्म में महिलाओं के लिए हरतालिका तीज व्रत का विशेष महत्व है। इसमें उन्हें दिन रात कुछ भी खाना और पीना नहीं रहता है। शुक्रवार को महिलाओं ने पूजा अर्चना के साथ ही शिव हरि चर्चा, भजन, कीर्तन किया। दिनभर निर्जला व्रत रखा और देर रात्रि तक सुहागिनों ने शिव, गणेश व पार्वती की पूजा अर्चना करने के बाद मन्नतें मांगी। प्रातः नदियों में विसर्जित करते हुए प्रसाद अन्न जल ग्रहण किया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.