व‍ित्‍त मंत्री के ज‍िले का हाल : स्टैंड इंडिया के तहत बैंकों ने एससी, एसटी और महिला को नहीं दिया लोन

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  • जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में हुआ खुलासा
  • समीक्षा के दौरान उपायुक्‍त कई मामलों में हुए नाराज

आनंद कुमार सोनी

लोहरदगा । स्टैंड इंडिया के अंतर्गत जिले में विभिन्न बैंकों ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, महिला को कोई लोन नहीं दिया है। इस ऋण वितरण में जिले के बैंकों की स्थिति शून्य पायी गई। उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में इसका खुलासा हुआ। उपायुक्‍त ने दिये गये ऋण की स्थिति पर भी असंतोष व्यक्त किया। स्वयं सहायता समूहों द्वारा बैंक ऑफ इंडिया को ऋण के लिए दिये गये आवेदन को भी स्वीकृत करने का निर्देश दिया।

487.34 करोड़ रुपये स्वीकृत

उपायुक्त दिलीप कुमार टोप्पो की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक गुरुवार को हुई। इसमें चालू वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में विभिन्न योजनाओं में बैंकों द्वारा लक्ष्य के विरूद्ध किये गये कार्यों की समीक्षा की गई। वर्ष 2020-21 के रिवाईज्ड एसीपी का प्रस्ताव अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा अध्यक्ष के समक्ष रखा गया। इसके बाद सीडी रेशियो, जमा, अग्रिम, एनपीए और एसीपी के अंतर्गत उपलब्धियों की भी समीक्षा उपायुक्त ने की। अग्रणी बैंक प्रबंधक द्वारा बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2020-21 के स्वीकृत एसीपी (एनुअल क्रेडिट प्लान) के अंतर्गत कृषि क्षेत्र के लिए 23240 लाख रुपये, एमएसएमई के लिए 16366 लाख रुपये, अन्य प्राथमिक क्षेत्र के लिए 1827 लाख रुपये, कुल प्राथमिक क्षेत्र के लिए 41433 लाख रुपये और नन-प्राईमरी सेक्टर के लिए 7301 लाख रुपये समेत 487.34 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

केसीसी का आवेदन रिजेक्ट नहीं करें

उपायुक्त ने विभिन्न बैंकों द्वारा केसीसी के प्राप्त आवेदन और उसके निष्पादन की समीक्षा की। इसमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों, डेयरी फार्मर और मत्स्य पालकों का केसीसी शामिल था। जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक ने जानकारी दी कि वर्तमान में विभिन्न बैंकों में फसल के लिए केसीसी के 364 आवेदन, डेयरी फार्मर द्वारा केसीसी के 2381 और मत्स्य पालकों के द्वारा दिये गये 50 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उपायुक्त द्वारा केसीसी के निष्पादन की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया गया।

श‍िकायत की पंजी संधारित करें

संबंधित जिला कृषि पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी और जिला मत्स्य पदाधिकारी को अधिक से अधिक संख्या में केसीसी के आवेदन बैंकों में भेजने का निर्देश दिया। सभी बैंक प्रबंधकों को बैंकों में प्राप्त केसीसी के आवेदन का जल्द से जल्द निष्पादन करने का आदेश दिया। बैकों को निर्देश दिया गया कि वे बैंकों में केसीसी के आवेदकों के लिए एक पंजी संधारित करें, जिसमें आवेदक अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। गव्य विकास पदाधिकारी को आदेश दिया गया कि वे दुग्ध मित्रों का मोबाईल नंबर संबंधित क्षेत्र के बैंक को उपलब्ध करा दें, ताकि डेयरी फार्मर के केसीसी आवेदन का निष्पादन किया जा सके।

मुद्रा ऋण की स्थिति पर असंतोष

उपायुक्त ने विभिन्न बैंकों के स्तर से स्वीकृत मुद्रा ऋण की स्थिति पर असंतोष व्यक्त किया। मौजूदा प्रगति को बेहतर से बेहतर करने का आदेश दिया गया। मुद्रा ऋण के अंतर्गत पाया गया कि शिशु ऋण, किशोर ऋण और तरूण ऋण दिये गये लक्ष्य के विरूद्ध काफी कम संख्या में स्वीकृत किये गये है। फसल ऋण, कृषि टर्म ऋण, लघु उद्योग ऋण, अन्य प्राथमिक क्षेत्र ऋण, नन-प्राथमिकता ऋण समेत अन्य ऋणों की समीक्षा उपायुक्त द्वारा की गई। कृषि और उद्योग में ऋण आसानी से उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

फुटपाथ विक्रताओं को दें ऋण

जिला में फुटपाथ विक्रेताओं के द्वारा ऋण (10 हजार रूपए) के लिए मात्र 52 आवेदन आये हैं। इनमें मात्र 8 आवेदनों का निष्पादन बैंकों द्वारा किया गया है। उपायुक्त द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पर्षद को आदेश दिया गया कि अधिक से अधिक फुटपाथ विक्रेताओं को इस ऋण के लिए प्रेरित कर उनसे आवेदन प्राप्त करें। बैंकों को आदेश दिया गया कि फुटपाथ विक्रेताओं को यह ऋण उपलब्ध करायें।

गारंटीड इमरजेंसी क्रेडिट लोन

इसके अंतर्गत 1733 लोगों को इसके लिए योग्य पाया गया है, जिनमें 1121 लोगों का ऋण स्वीकृत कर दिया गया है।

छात्रवृति राशि नहीं रोकें

उपायुक्त द्वारा 12897 ऐसे छात्र-छात्राओं की संख्या से बैंकों को अवगत कराया गया, जिन्हें छात्रवृति की राशि उपलब्ध नहीं करायी जा सकी है। बैंकों को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द छात्र/छात्रा के आधार संख्या से मिलान करते हुए उन्हें छात्रवृति दिये जाने में सहयोग करें। डीपीएमयू आईडी को निर्देश दिया गया कि सभी छात्रों का आधार अपडेट कराएं। इसमें शिक्षक, अभिभावक से सहयोग लेकर इसे शून्य करें। छात्रवृति शत प्रतिशत को देना है।

ये भी थे मौजूद

बैठक में उप विकास आयुक्त अखौरी शशांक सिन्हा, सांसद प्रतिनिधि चंद्रशेखर प्रसाद, विधायक प्रतिनिधि निशित जायसवाल, आरबीआइ के प्रतिनिधि, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक रविकांत सिन्हा, जिला कृषि पदाधिकारी शिव कुमार राम, जिला कल्याण पदाधिकारी रमेश कुमार चौबे, जिला उद्योग केंद्र की महाप्रबंधक नीलम केरकेट्टा, जिला गव्य विकास पदाधिकारी त्रिदेव मंडल, जिला मत्स्य पदाधिकारी कमरूज्ज्मां, डीडीएम नाबार्ड संजय त्रिवेदी समेत अन्य बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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