जल एवं मृदा संरक्षण से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया DDC ने

0

आनंद कुमार सोनी

लोहरदगा । उप विकास आयुक्त अखौरी शंशाक सिन्हा ने किस्को प्रखंड के भुसाड़ ग्राम में क्रियान्वित परियोजना नाबार्ड-आरआईडीएफ के अंतर्गत किए गए जल एवं मृदा संरक्षण से संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया गया। इसमें जलछाजन प्रकोष्ठ-सह-आंकड़ा केंद्र के जिला तकनीकी विशेषज्ञ प्रिंस कुमार, परियोजना क्रियान्वयन एजेंसी-समृद्धि फाउडेशन के प्रतिनिधि गुंजन अग्रवाल, कृषि विशेषज्ञ उमा कुमारी, सामाजिक विशेषज्ञ गौरव प्रभात, अभियंता बाबुलाल सिंह एवं सुधीर कुमार सिंह सहित भुसाड़ ग्राम के सुकरा उरांव, परमेश्वर भगत, रामजीत भगत, रामपेत उरांव, बंधन भगत एवं अन्य ग्रामीण भी उपस्थित थे।

भ्रमण के दौरान परमेश्वर भगत के तालाब का निरीक्षण किया गया, जिसका आकार 100 फीट लंबा, 100 फीट चौड़ा एवं 10 फीट गहरा था। तालाब की मेढ़ पर घास लगाकर मिट्टी कटाई को रोका गया है। इस तालाब से आसपास के लगभग 5 हेक्टेयर भूमि की सिंचाई के लिए पानी मिल रहा है। किसानों द्वारा अभी टमाटर, मटर एवं लौकी की खेती की जा रही है। साथ ही, मेढ़बंदी का कार्य भी हो रहा है। मटर की खेती की जा रही है।

उप विकास आयुक्त ने लाभुकों से तालाब की उपयोगिता से संबंधित जानकारी ली। तालाब और मेढ़ के बीच 10 फीट का खाली स्थान छोड़ने का कारण पूछा गया, जिसका उत्तर जिला तकनीकी विशेषज्ञ प्रिंस कुमार ने दिया। उन्‍होंने बताया कि वर्षाजल से मेढ़ की मिट्टी तालाब में जाने से बचाव के लिए ऐसा किया जाता है।

रामजीत भगत की जमीन पर बने तालाब का भी निरीक्षण किया गया, जिसका आकार 100 फीट लंबा, 100 फीट चौड़ा और 10 फीट गहरा था। तालाब की मेढ़ पर सब्जी की खेती की गई है। किसानों की आजीविका को बढ़ाने के लिए तालाबों में मत्स्य पालन के लिए परियोजना द्वारा किसानों को मत्स्य अंगुलिका एवं प्रारंभिक चार महीनों के लिए मत्स्य चारा भी नि:शुल्क उपलब्ध कराया गया है। उप विकास आयुक्त द्वारा तालाब के मेढ़ के पास सूचना पट्ट का अवलोकन किया गया। ससमय परियोजना को पूर्ण करने का आदेश दिया गया।

Leave A Reply

Your email address will not be published.