केंद्र की मजदूर किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ किया प्रदर्शन

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

लातेहार । अखिल भारतीय किसान सभा के देशव्यापी कार्यक्रम के तहत झारखंड राज्य किसान सभा ने जिले के चंदवा प्रखंड की कामता पंचायत में केंद्र की मजदू-किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस अवसर पर किसान सभा के लातेहार जिला अध्यक्ष अयुब खान ने कहा है कि कोरोना महामारी के मौजूदा दौर में केंद्र की एनडीए सरकार का कुप्रबंधन सामने आ चुका है। प्रवासी मजदूरों का अभूतपूर्व संकट सभी मोर्चों पर वर्तमान केंद्र सरकार की असफलता का एक उदाहरण है। केंद्र सरकार द्वारा पर्यावरण संबंधी कानूनों और बिजली कानून में किए गए बदलाव एवं कोयला खनन को वाणिज्यिक उपयोग के लिए खोल दिये जाने जैसे कदमों के गंभीर परिणामों को देश के मजदूर किसान, आदिवासी और अन्य उपेक्षित समुदाय झेलने के लिए विवश होंगे। कोयले के निजी आवंटन के साथ-साथ ग्राम सभा के अधिकारों की पूरी नजरअंदाजी से देश में विस्थापन बढ़ेगा। स्वास्थ्य पर गहरा असर होगा और पर्यावरण और जंगलों की क्षति भी होगी।

श्री खान ने कहा कि इसके साथ ही मोदी सरकार द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम को समाप्त कर सारे प्रतिबंध उठाने से कालाबाजारी और जमाखोरी जायज हो जाएगी। नागरिकों की खाद्यान्न सुरक्षा भी संकट में पड़ जाएगी। विदेशी निवेश को आकर्षित करने के नाम पर श्रम कानूनों में किये जा रहे बदलाव का सीधा फायदा उद्योगपति-पूंजीपति वर्ग को ही मिलेगा।  इन बदलावों में काम के घंटे 8 घंटे से बढ़ाकर 12 घंटे करना भी शामिल है। देश के सभी ट्रेड यूनियन इसका लंबे समय से विरोध कर रहे हैं। किसान सभा नेताओं ने कहा कि कोरोना संकट से लड़ने के लिए देश की जनता को वास्तविक राहत देने के बजाय मोदी सरकार उनके अधिकारों पर हमले ही कर रही है। कार्यक्रम में इजहार खान, इफ्तेखार खान, साजीद खान, रोजन खान, रियाज खान, अमीर खान, तबरेज खान, जितन गंझु, पैंतु गंझु, गोपी गंझु, रोईना गंझु, गुड्डू गंझु, राहुल गंझु, लालधारी महली, इनुस खान, परवेज खान, अकबर खान, गुलेमान खान, खलील खान, अमरूल खान, अफसर खान, फहमीदा बीवी, लछमनीयां देवी, फुलमनीयां देवी, बीगनी देवी, फुलची देवी, गीता देवी, रजनी देवी, शांति देवी शामिल थे।

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