सीआरएम बारा तालाब का कायाकल्प किया टाटा स्‍टील ने

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

जमशेदपुर । टाटा स्टील ने जमशेदपुर में सीआरएम बारातालाब का कायाकल्प किया। टीवी नरेंद्रन (सीईओ एंड एमडी) ने सुधांशु पाठक (वीपी, स्टील मेकिंग), आर रवि प्रसाद (अध्यक्ष, टाटा वर्कर्स यूनियन) और कर्मचारियों की उपस्थिति में इसका उद्घाटन किया। रितुराज सिन्हा (चीफ, कॉर्पोरेट एडमिनिस्ट्रेशन) ने कार्यक्रम का संदर्भ बताया। इसके बाद श्री नरेंद्रन ने वर्चुअल पट्टिका का अनावरण किया।

इस अवसर पर श्री नरेंद्रन ने कहा कि सीआरएम बारा तालाब कायाकल्प परियोजना अपशिष्ट से मूल्य सृजन का एक आदर्श उदाहरण है। यह वर्षा जल संचयन सुविधा और विभिन्न वनस्पति और जीवों के साथ एक सुंदर क्षेत्र है। जिम्मेदार कॉर्पोरेट के रूप में समुदाय और पारिस्थितिक तंत्र के साथ संगत औद्योगिक विकास भी महत्वपूर्ण है। इस तरह की परियोजनाएं समुदाय, पारिस्थितिकी तंत्र और जैवविविधता के प्रति हमारी निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं।

श्री पाठक ने कहा कि पुनः निर्मित सीआरएम बारा तालाब स्थिरता, हरियाली और जैवविविधता का पर्याय है। नवनिर्मित तालाब न केवल वर्षा जल संचयन में सहायता करेगा, बल्कि ग्राउंडवाटर टेबल को रिचार्ज भी करेगा। हरे-भरे वातावरण में प्रवासी पक्षी आकर्षित होंगे। यह पक्षियों और कीटों की स्थानीय प्रजातियों के लिए प्रजनन भूमि के रूप में भी काम करेगा। यह विशेष पहल इस तथ्य का प्रमाण है कि मैन्युफैक्चरिंग इकाइयां एक इको-फ्रेंडली वातावरण में साथ-साथ फल-फूल सकती हैं।

14 एकड़ में फैले सीआरएम बारा तालाब कायाकल्प परियोजना एक वर्ष के रिकॉर्ड समय में पूरी हुई। इससे पहले सीआरएम बारा तालाब में एक बड़े और दो छोटे जल निकाय थे, जो तेजी से लुप्त हो रहे थे। गायब हो चुके बड़े जल निकायों को मिलाकर अब वैज्ञानिक तरीके से बनाए गए जलाशय में 82,000 क्यूबिक मीटर जल जमा करने की क्षमता है। क्षेत्र में भूजल का स्तर, परियोजना के कार्यान्वयन के साथ बढ़ना शुरू हो गया है, इस प्रकार कम होते भूजलस्तर को नियंत्रित भी किया गया है।

5000 से अधिक पौधों के रोपण ने इस क्षेत्र में हरियाली के आच्छादन को बढ़ाया है, जो पक्षियों और तितलियों को तालाब की ओर आकर्षित करता है। तालाब में मछलियों की बढ़ती संख्या प्रवासी पक्षियों को भी आकर्षित करने लगी है। स्वच्छ और हरित वातावरण न केवल क्षेत्र की सुंदरता को बढ़ा रहा है, बल्कि जैवविविधता के संरक्षण और सतत विकास को बढ़ावा देने में भी मदद कर रहा है। यह अब एक सुंदर तालाब और वनस्पति से घिराहुआ क्षेत्र है।

गौरतलब है कि अक्टूबर 2018 में टाटा स्टील ने अपने बारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में टरशियरी ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना की थी, जिससे जमशेदपुर अपने सौ-फीसदी अपशिष्ट जल का रिसाइकल करने वाला भारत का पहला शहर बना। कंपनी अपनी पर्यावरणीय जिम्मेदारियों के प्रतिवचनबद्ध है। तदनुसार, यह सुविधा घरेलू अपशिष्टों से होनेवाल नदी के प्रदूषण को रोकने में मदद करेगी।

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