JPSC की धांधली : रीजनल पेपर की कॉपियों की पुन: जांच कराकर बढ़ाये गये नंबर

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सुनील कमल

हजारीबाग । अभ्यर्थियों ने तृतीय सिविल सेवा नियुक्ति की जांच सीबीआई से करने की गुहार लगाई  है। उनका कहना है कि रीजनल पेपर में की दोबारा जांच कराकर कई अभ्‍यर्थियों का मनमाना नंबर बढ़ाया गया।

तृतीय सिविल सेवा के अनुतीर्ण अभ्यर्थियों ने झारखंड उच्च न्यायालय में रिट (संख्या : 4082/2010) दायर कर तृतीय सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा के रीजनल पत्र खोरठा, पंचपरगनिया, नागपुरी, कुड़ुख, कुरमाली,संथाली, मुंडारी और खड़िया के कॉपियों की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। अभ्यर्थियों ने बताया कि आयोग के तत्कालीन सदस्य विल्फ्रेड लकड़ा के लिखित आदेश पर रीजनल पेपर की कापियां पुनः जांची गयी। इसमें बेशुमार नंबर बढ़ाये गये। अन्य पत्रों के अभ्यर्थियों के साथ सौतेला व्‍यवहार किया गया।

अभ्‍यर्थियों ने कहा कि 276 पद की नियुक्ति में ज्यादातर सफल छात्र रीजनल पत्र लेने वाले हैं। झारखंड उच्च न्यायालय में चल रहे इस केस में आयोग से कई जवाब मांगे गये हैं। अभ्यर्थियों को पूरी उम्मीद है की उनकी बात अवश्य सुनी जायेगी। कापियों की जांच सीबीआई से कराई जायेगी। वर्ष 2008 में हुए नियुक्त सफल अभ्यार्थी अपनी ग्रेडिंग कराकर प्रोन्नति पाना चाह रहे हैं और रिट दायर करने वाले अभ्यर्थी न्याय।

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