सरकारी जमीन पर बन रहे मंदिर को तोड़ने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों में झड़प, वाहन क्षतिग्रस्‍त, कई घायल 

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योगेश कुमार पांडेय

गिरि‍डीह । जिले के गम्हारडीह में कथित तौर पर वन भूमि पर बन रहे मंदिर को तोड़ने पहुंची पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प हो गई। इसमें पुलिस वाहन क्षतिग्रस्‍त हो गया। कई पुलिस और ग्रामीण घायल हो गये हैं। इस दौरान ग्रामीणों ने मुखि‍या के घर पर भी हमला किया। मोटरसाइकिल सहित कई सामानों को तोड़ डाला। पुलिस ने मुखिया और उनके परिवार को बचाकर नये घर में शिफ्ट कराया।

पहले से विवाद चल रहा

जमीन पर कब्जा के लिए पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। शुक्रवार को स्थिति तब और भयावह हो गई, जब ग्रामीणों द्वारा बनाए जा रहे मंदिर को रोकने पुलिस पहुंच गई। पुलिस को दो बार वहां जाना पड़ा। दूसरी बार तब, जब ग्रामीणों ने मुखिया के घर को घेरकर हमला शुरू कर दिया।

पुलिस के हटते ही धावा बोला

जमीन को अतिक्रमण मुक्त करने के बाद पुलिस के स्थल से हटते ही ग्रामीणों ने मुखिया के घर पर हमला कर दिया। उसके एक कमरे के एस्बेस्टस की छत को उखाड़ दिया। उनकी तीन मोटरसाइकिल को तोड़ डाला। मुखिया के निजी ऑफिस का ताला तोड़कर गोदरेज, इंवर्टर और बैट्री आदि को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इसकी सूचना मिलने पर खोरीमहुआ एसडीएम धीरेन्द्र सिंह, एसडीपीओ नवीन कुमार सिंह, जमुआ बीडीओ विनोद कर्मकार, इंस्पेक्टर, सीओ, ओपी प्रभारी सैकड़ों पुलिस बल के साथ वहां पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मुखिया को परिवार सहित कुरहोबिंदो चौक पर बने उसके नए मकान में पुलिस वाहन से शिफ्ट कराया गया। मौके पर पहुंची कांग्रेस नेत्री मंजू कुमारी और उच्चाधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। देर शाम को पुलिस घटनास्थल से वापस लौट गई।

पुलिस ने लाठी चलाई

ग्रामीणों ने कहा कि गुरुवार को धारा 144 लगाए जाने के बाद उनलोगों ने मंदिर निर्माण कार्य स्थगित कर दिया था। शुक्रवार दोपहर अचानक पुलिस जेसीबी लेकर पहुंची और मुखिया शंकर प्रसाद वर्मा की उपस्थिति में निर्माणाधीन शिव-पार्वती मंदिर को तोड़ने लगी। ‌इसका ग्रामीण महिलाओं ने विरोध किया। इसके बाद पुलिस ने उनलोगों पर लाठीचार्ज कर दिया, जिससे कई महिलाओं का सर फट गया। इससे ग्रामीण आक्रोशत हो गये। फिर पत्थरबाजी शुरू हो गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस घर-घर घुसकर महिलाओं को पीटने लगी। इसके बाद लोगों ने पुलिस पर हमला किया। उनलोगों ने कानून का सम्मान किया, बावजूद उनलोगों के साथ पुलिस ने मारपीट की।

कौन-कौन हुए घायल

पुलिस-पब्लिक झड़प में प्रशासन की ओर से आईआरबी जवान जितेंद्र कुमार राय व प्रमोद कुमार, सरकारी वाहन चालक महेंद्र प्रसाद यादव व निजी चालक बिक्कू कुमार रजक घायल हैं। वहीं ग्रामीण की ओर से पिंकी देवी, इंदू देवी और सुनीता देवी सहित कई ग्रामीण महिला-पुरुष घायल हुए हैं।

मुखिया ने कहा

मुखिया शंकर प्रसाद शर्मा ने कहा कि मंदिर निर्माण रोकने में उसका कोई हाथ नहीं है। प्रशासन अपना काम कर रहा है। उन्‍हें बदनाम करने की साजि‍श रची गई है। ग्रामीणों ने उनके परिवार को चारों ओर से घेरकर मारने की कोशिश की। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सबकी जान बचाई। कुरहोबिंदो में बने नए घर में शिफ्ट किया। ग्रामीण उन्‍हें जान से मारने आए थे।

एफआईआर दर्ज होगा

खोरीमहूआ एसडीपीओ नवीन कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस पर हमला करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। खोरीमहुआ एसडीएम धीरेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि मुखिया को दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। ग्रामीणों को धैर्य रखना चाहिए। सरकारी जमीन पर नया निर्माण नहीं करने दिया जाएगा। यदि पहले से उक्त जमीन पर अतिक्रमित है तो उसे एक महीने में अतिक्रमण से मुक्त किया जाएगा। इसके बावजूद यदि ग्रामीणों ने बात नहीं मानी तो 156 के तहत कार्रवाई की जाएगी। घटना स्थल पर नियमित पुलिस गस्ती जारी रहेगी।

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