पंचमंदिर परिसर में मनाया गया कारगिल विजय उत्सव

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

गिरिडीह । जिले के जमुआ प्रखंड की ग्राम पंचायत पोबी स्थित पंचमंदिर परिसर में 26 जुलाई को कारगिल विजयोत्सव मनाया गया। सर्वप्रथम वी  शहीद जवानों के तैलीय चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो के जिला संयुक्त सचिव योगेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि सन 1947 में भारत आजाद तो हो गया था, लेकिन यह आजादी भारत को पाकिस्तान से अलग होने की कीमत पर मिली थी। कई सालों तक पाकिस्तान ने “कश्मीर” को चुराने की कई कोशिश की, लेकिन 26 जुलाई  1999 में उसे ऐसी मार खानी पड़ी कि उसने दोबारा कभी भारत की तरफ आंखा उठाकर नहीं देखा।

भारतीय सेना ने 26 जुलाई, 1999 को कश्मीर के कारगिल जिले में पाकिस्तानी घुसपैठियों द्वारा कब्जा की गई ऊंची चौकियों पर नियंत्रण पाने में सफलता हासिल की थी। कारगिल युद्ध में हमारे लगभग 527 से ज्यादा वीर योद्धा शहीद हुए थे और 1300 से ज्यादा घायल हो गए। इन शहीदों ने भारतीय सेना की शौर्य और बलिदान की उस सर्वोच्च परम्परा का निर्वाह किया, जिसकी सौगन्ध हर सिपाही तिरंगे के समक्ष लेता है। ऑपरेशन विजय की सफलता के बाद इस दिन को “विजय दिवस” का नाम दिया गया।

मुखिया नकुल कुमार पासवान ने कहा कि कारगिल के वीर शहीदों का अदम्य शौर्य, पराक्रम, साहस अविस्मरणीय रहेगी। राष्ट्रभक्ति से शक्ति का संचार होता है। इस दौरान तिरंगा लहराते हुए गगनभेदी देशभक्ति के नारे लगाये गये। शहीदों के नाम पर पौधारोपण किया गया। इस अवसर पर दयानंद प्रसाद टिंकू, पवन तनय, गोपालकृष्ण पाण्डेय, रंजीत पाण्डेय, राजा कुमार राम ने भी विचार रखें।

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