जियो टैगिंग के माध्यम से बीसी की निगरानी करेगा बैंक ऑफ इंडिया

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योगेश कुमार पांडेय

गिरि‍डीह । अब ग्राहक सेवा केंद्र संचालक मनमानी ढंग से अपनी सुविधानुसार कहीं भी सेंटर लगाकर काम नहीं कर सकेंगे। बैंक ऑफ इंडिया के सभी बीसी की निगरानी जियो टैगिंग के माध्यम से होगी। यह जानकारी देते हुए बैंक ऑफ इंडिया बीसी प्रणाली जिला समन्वयक सुमित कुमार पाण्डेय ने दी। उन्‍होंने कहा कि इस प्रक्रिया की जरूरत इसलिए पड़ी, क्योंकि सूचना मिली है कि ग्राहक सेवा केंद्र से जुड़े कुछ संचालक ज्यादा कमीशन के लिए शाखा के इर्द गिर्द ही अपने सेंटर का संचालन कर रहे हैं। ऐसे में वितीय समावेशन का मुख्य उद्देश्‍य सफल नहीं हो पा रहा है।

सुम‍ित कुमार पाण्‍डेय

श्री पांडेय ने बताया कि बैंक ऑफ इंडिया द्वारा सभी को अपने कम्प्यूटर में अब ग्राहक सेवा केंद्र की छवि को लोकेशन के साथ अंकित करना अनिवार्य कर दिया गया है। बैंक द्वारा निर्गत स्थान पर यदि केंद्र नहीं सत्यापित होती है तो संबंधि‍त केंद्र संचालक के वि‍रुद्ध बैंक कार्रवाई करेगा। 300 से ज्यादा ग्राहक सेवा केंद्र होने के कारण सभी का भौतिक सत्यापन हर बार संभव नहीं हो पाता है, क्योंकि जिले में एक ही जिला समन्वयक तैनात है।

श्री पांडेय ने बताया कि बैंक ने टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हुए ऐसा करने का निर्णय लिया है। दुर्गम, सुदूरवर्ती इलाकों तक ग्रामीणों को सुगमतापूर्वक बैंकिंग सेवा प्रदान करने में बीसी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। आधार आधारित जनधन खाता खोलने, राशि जमा निकासी, प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना, सुरक्षा, जीवन ज्योति बीमा, केसीसी सहित अन्य ऋण रिकवरी आदि कार्यों में बीसी बैंक एक सशक्त माध्यम है।

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