पंडी नदी का पानी घुसने से हजारों एकड़ में लगी धान की फसल बही

0

विवेक चौबे

गढ़वा । लगातार हो रही भारी बारिश से किसानों की कमर टूट गयी है। उन्‍हें प्राकृतिक आपदा की मार झेलनी पड़ रही है। जिले के कांडी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत हेठार के बलियारी, सोनपुरा, चंद्रपुरा, नावाडीह, भिलमा, पखनाहा, बेलहथ, डेकार, घासी तीसो, कान्हा आरी, बहर, काशीआन, पतीला, वारी, दशकुरवा, चमर खेता, बरवाडीह, गाड़ा कला, नारायणपुर सहित कई गांवों के खेत मे पंडी नदी का पानी घुसने से हजारों एकड़ धान की फसल बह गई। इससे किसान हताश हैं।

एक किलोमीटर चौड़ा और तीन किलोमीटर एरिया में धान की फसल और बिहड़ा बह गये। भाजपा रामलला दुबे ने मुख्यमंत्री और गढ़वा उपायुक्त से इसकी जांच कराकर किसानों को मुआवजा देने की मांग की है। श्री दूबे ने कहा कि लगातार तीन साल से बाढ़ और सूखा का दंश झेल रहे किसानों ने डीजल पंप से धान की रोपाई की थी। सारा धान और बिहड़ा बह गया। पिछले बाढ़ और सुखाड़ का मुआवजा आज तक भी किसानों को नहीं मिला।

इस स्थिति से राणा कृष्णा सिंह, मोहन सिंह, धनाथ सिंह, राणा ऋषि केश सिंह, उमाशंकर सिंह, तपेश्वर यादव, शिव भजन यादव, जगरनाथ सिंह, रामप्रसाद चंद्रवंशी, राणा बदन सिंह, रामस्वरूप मेहता, कामेश्वर मेहता, नवजादी मेहता, धनंजय दुबे, चुन्नू दुबे, रंगनाथ दुबे, विनीत दुबे, अरविंद दुबे, अशोक दुबे, चंद्रमोहन दुबे सहित अन्य किसान प्रभावित हुए हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.