घोटाले की जांच करने पहुंचे अधिकारी, ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटे

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ग्रढ़वा से विवेक चौबे

गढ़वा । कोयला नदी पुल मुआवजा घोटाले की जांच करने पहुंचे एसी को ग्रामीणों के विरोध के कारण वापस लौटना पड़ा। जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत सुंडीपुर पंसा कोयल नदी पुल में मुआवजा घोटाले की जांच करने एसी प्रवीण कुमार गगरई बुधवार को सुंडीपुर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। भू अर्जन विभाग के एक कर्मी और एक रोजगार सेवक ने पहले जिस नक्शा पर भुगतान किया था, उसी नक्शा को दिखाया। ग्रामीण श्याम बिहारी राम, सहेन्द्र राम, बलराम विश्वकर्मा,  कामेश्वर राम, सुरेश राम, रामजन्म राम, नन्दु राम, संत कुमार, पियारी देवी, माधो देवी ने कहा कि इन्ही लोगों के कारण यह घोटाला हुआ है। इनलोग के रहते सही जांच नामुमकिन है।

ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए जांच दल में शामिल एसी सहित अन्य लोग गाड़ी में बैठकर चले गये। जाते-जाते उन्होंने ग्रामीणों को सही जांच करने का भरोसा दिलाया। उसके बाद एसी अंचल कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने अंचल की भी जांच की। जांच के दौरान प्रखंड बीस सूत्री अध्यक्ष रामलाला दूबे उपस्थित थे। अंचल की उपस्थिति पंजी की मांग की गयी, किन्तु मिल न सकी। बताया गया कि उपस्थित पंजी आलमीरा के अंदर बंद करके रखी गयी थी। प्रखंड कार्यालय की भी जांच की गयी।

बीस सूत्री अध्यक्ष रामलाला दूबे ने एसी को बताया कि अंचल कार्यालय के लिपिक रामाशीष पासवन पूरे महीना गायब रहते हैं। उनके स्थान पर कोई अन्य कर्मी को पदस्थापित किया जाए। साथ ही उन्होंने अंचल कार्यालय में एक आपरेटर और एक और कर्मी की पदस्थापना करने की मांग की। एसी ने कहा कि लिपिक पर कार्रवाई करते हुए दूसरे लिपिक की पदस्थापना शीघ्र की जायेगी। अध्यक्ष की मांग पर अंचल कार्यालय की चाहरदीवारी और शौचालय निर्माण कराने का आश्‍वासन भी दिया। मौके पर सीआई बेलाशीष केरकेट्टा, अंचल अमीन धर्मदेव राम, एनएच अमीन रविकांत पाण्डेय, भू अर्जन के अमीन दश्यु राम सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

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