विकास योजनाओं के स्‍थल निरीक्षण में उपायुक्‍त को मिली कई तरह की गड़बड़ी

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उपेंद्र गुप्‍ता

दुमका । उपायुक्त राजेश्वरी बी ने दुमका प्रखंड की बहराबांक पंचायत के कुरुवा गांव, रामपुर पंचायत के जरका ग्राम और घासीपुर पंचायत के कुरुमपहाड़ी ग्राम में चल रहे विकास योजनाओं का स्थल निरीक्षण किया। इस क्रम में योजनाओं में कई तरह की गड़बड़ी पाई गई। कहीं लक्ष्‍य से कम शौचालय का निर्माण हुआ है। कुछ जगहों पर मॉडल के अनुरूप काम नहीं हो रहा था।

निरीक्षण के क्रम में पाया गया कि एसबीएम अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य से कम संख्या में एनओएलबी के शौचालयों का निर्माण हुआ है। उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि निर्धारित अवधि में शौचालयों का निर्माण एवं जियो टैगिंग का काम सुनिश्चित कराएं।

शौचालय निर्माण के क्रम में देखा गया कि सोक पिट आयताकार बनाये गये हैं, जो निर्धारित मॉडल के अनुकूल नहीं है। निर्देश दिया गया कि शौचालय निर्माण के लिए निर्धारित मॉडल के अनुरूप ही निर्माण का कार्य कराया जाए।

कुरुवा गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत निर्माणाधीन भवनों का भी निरीक्षण उपायुक्त ने किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई भवनों की ढलाई हो चुकी है, लेकिन फिनिशिंग का कार्य पूर्ण नहीं किया गया है। उपायुक्त ने कार्य बचे कार्य को जल्द से जल्द पूर्ण कराने निर्देश दिया।

रामपुर पंचायत के जरका गांव में बिरसा हरित ग्राम योजना अंतर्गत आम बागवानी का भी उपायुक्त ने निरीक्षण किया। यहां 32 एकड़ भूमि में आम के पौधों को लगाने के लिए गड्ढा तैयार किया गया है। आम के पौधे भी कार्यस्थल पर आ गए हैं। कुछ दिनों में बागवानी कार्य पूर्ण कर दिया जाएगा।

इसी क्रम में घासीपुर पंचायत अंतर्गत कुरूमपहाड़ी गांव में कई शौचालय अधूरे निर्मित पाए गए। इन शौचालयों को पूर्ण कराने का निर्देश प्रखंड विकास पदाधिकारी, दुमका को दिया गया। उपायुक्त ने शौचालय के लाभुकों को यथाशीघ्र शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण करने का आदेश दिया। साथ ही उपयोग करने के लिए भी निर्देशित किया।

इन गांवों में सोलर पेयजल जलापूर्ति योजना की कई योजनाएं निर्मित की गई है। हालांकि योजनाओं पर इस आशय की सूचना अंकित नहीं है कि यह योजना किस मद से है। संवेदक का नाम क्या है। इसमें किसी प्रकार की त्रुटि उत्पन्न होने पर किससे संपर्क किया जा सकता है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिला में निर्मित पेयजल की सभी योजनाओं में उक्त सूचना अवश्य अंकित रहे। सभी कार्यकारी कंपनियां इसे सुनिश्चित करेंगी।

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