देवघर में मंदिर नहीं खोलने के पक्ष में हैं पंडा और पुरोहित समाज

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  • केंद्र और राज्‍य सरकार के आदेश पर मंदिर खोलने की होगी कार्रवाई : उपायुक्‍त

दैनिक झारखंड न्‍यूज

देवघर । उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में गोपनीय सभागार में कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव के मद्देनजर मंदिर खोलने और पूजा-अर्चना होने की स्थिति और इससे होने वाली समस्याओं से जुड़े विभिन्न बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। इस दौरान उपायुक्त ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने वर्तमान में किसी भी प्रकार के धार्मिक आयोजन की अनुमति नहीं दी गयी है। इसके अलावा मंदिर के आसपास संक्रमित मरीजों की बढ़ती संख्या और पंडा एवं पुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने भी मंदिर नहीं खोलने का आग्रह किया है।

उपायुक्त ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से मंदिर खोलने के बाद श्रद्धालुओं की सुविधा के इंतजाम के अलावा उनके ठहरने के लिए होटल, धर्मशाला सहित आवागमन के लिए वाहन, रेलमार्ग की व्यवस्था भी बंद है। ऐसे में जिलावासियों की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए वर्तमान में मंदिर खोलने का निर्णय राज्य सरकार के आदेश के बाद लिया जाएगा।

वर्तमान में सभी की स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए त्रिस्तरीय सुरक्षा घेरा का इंतजाम किया गया है। बड़े वाहनों को शहर में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जायेगी। झारखंड में राज्यों से आने वाले वाहनों को बाहर से ही उनके गंतव्य स्थान तक भेजा जायेगा। तीसरी कड़ी मंदिर और आसपास के क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था को और भी मजबूत बनाया जायेगा।

बैठक के क्रम में पंडा धर्मरक्षिणी के अध्यक्ष, महामंत्री व पंडा समाज के प्रतिनिधियों ने मंदिर का पट नहीं खोलने पर सहमति जताई। उन्‍होंने कहा कि पंडा समाज अपने स्तर से जिला प्रशासन का हर संभव सहयोग करेगा। अपने जजमानों को भी बाबा नगरी नहीं आने की अपील करेंगा।

बैठक में पुलिस अधीक्षक पियुष पांडेय, अनुमंडल पदाधिकारी-सह-प्रभारी पदाधिकारी बाबा बैद्यनाथ मंदिर विशाल सागर, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, अध्यक्ष, पंडा धर्मरक्षिणी महासभा सुरेश भारद्वाज, महामंत्री, पंडा धर्मरक्षिणी महासभा कार्तिक नाथ ठाकुर भी उपस्थित थे।

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