देवघर : एनडीआरएफ की टीम ने सेप्टिक टैंक में जलती हुई मोमबत्‍ती डाली, तब समझ में आया मामला

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

देवघर । एनडीआरएफ टीम ने देवीपुर में हुई सेप्टिक टैंक घटना की जांच 9 अगसत को की। इस दौरान टैंक में गैस के बढ़े दबाव को कम करने के लिए टीम द्वारा Smoke Ventilator के माध्यम से जहरीली गैस को निकाला गया। टीम के सदस्यों द्वारा CBRN सूट पहन कर सेप्टिक टैंक में उतर कर जांच की गई। तत्पश्चात सुरक्षात्मक उपकरणों का प्रयोग करते हुए उक्त टंकी में गैस के प्रभाव को खत्म कर उसे सुरक्षित किया गया। उपायुक्त कमलेश्वर प्रसाद सिंह के निर्देश पर टीम ने जांच की।

एनडीआरएफ निरीक्षक ओपी गोस्वामी ने बताया कि सेप्टिक टैंक या अन्य कोई भी बंद जगह पर जाने से पहले ऑक्सीजन की मात्रा अवश्य रूप से जांच कर ली जानी चाहिए। एनडीआरएफ टीम द्वारा किया गया। इसके तहत सेप्टिक टैंक में ऑक्सिजन के स्तर की जांच करने के लिए सेप्टिक टैंक में मोमबत्ती जलाकर डाला गया। जैसे ही मोमबत्ती सेप्टिक टैंक में ले जाया गयी, वह बुझ गयी। क्योंकि ऑक्सिजन एक ऐसा गैस है, जो जलने में सहायक होता है। सेप्टिक टैंक में ऑक्सिजन की कमी होने के वजह से ही मोमबत्ती बुझी। इस प्रकार हमें पता चल पाया कि सेप्टिक टैंक में ऑक्सीजन की कमी है, जिसमें उतारना खतरनाक है। जब कभी सीवर या सेप्टिक टैंक की सफाई की जाए, तब सर्वप्रथम उसमें ऑक्सीजन की उपस्थिति की जांच की जाए। सभी आवश्यक सावधानियां बरती जाए, ताकि इस प्रकार का घटना दोबारा घटित नहीं हो।

जानकारी हो कि सुबह सेप्‍ट‍िक टैंक साफ करने के क्रम में घर के मालिक, उनके परिवार के लोग और कुछ और लोग एक-एक करके टैंक में गए हैं। जब एक बाहर नहीं आया तब दूसरे भी उनकी तलाश में नीचे गए। इस प्रकार सबकी मौत होती गई या बेहोश होते गए। इस घटना में 6 लोगों की मौत हो गई थी।

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