चास नगर निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज, मेयर की कुर्सी को लेकर गोलबंदी शरू

निगम क्षेत्र में 80 फ़ीसदी हिंदू वोटरों के कारण सभी की नजरें भाजपा के संभावित मेयर प्रत्याशी पर

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दैनिक झारखंड न्यूज़

बोकारो। चास नगर निगम का कार्यकाल बिगड़ तथा 18 जून 2020 को समाप्त हो गया ज्ञात हो कि 2015 में चास नगर निगम चुनाव सम्पन्न हुआ था। कार्यकाल समाप्त होने के पांच महीने बाद एक बार फिर चास नगर निगम में निगम चुनाव को लेकर सरगर्मी काफी तेज हो गई है। पार्षद से लेकर मेयर पद के प्रत्याशी अपने-अपने तरीकों से वोटरों को रिझाने में जुट गए हैं। कोई राशन वितरण कर रहा है तो कोई बिजली के खम्बे लगवा रहा, तो कोई सड़क बनवाने और नाली बनवाने में व्यस्त है कुल मिलाकर देखें तो भले ही बोकारो में शीतलहर चल रहा हो लेकिन निगम चुनाव को लेकर चास का माहौल काफी गर्म है। प्रत्याशियों में वोटरों को रिझाने की होड़ सी लग गई है हर कोई अपने अपने तरीके से वोटरों को रिझाने में जुट गया है। प्रत्याशी सुबह उठते ही अखबार के साथ-साथ उन सभी निमंत्रण पत्रों को देखने में जुट जाते हैं ताकि उन निमंत्रण पत्रों के हिसाब से पूरे दिन का अपना-अपना जनसंपर्क अभियान वह बना सके तथा वोटरों को अपनी उम्मीदवारी हेतु जनसंपर्क अभियान चला सके। निगम चुनाव की अभी घोषणा भी नहीं हुई है उसके बावजूद भी सभी प्रत्याशी चुनाव को लेकर इतने गंभीर हैं कि वह हर दिन किसी ना किसी सामुदायिक कार्यक्रम के दौरान अपने प्रचार-प्रसार में जुट जाते हैं। सबसे कमाल की बात यह है की प्रत्याशियों में इन दिनों किसी उद्घाटन एवं शादी समारोह में जाकर अपने पक्ष में वोट करने की अपील करने की जैसे होड़ सी लग गई है हर प्रत्याशी अपने को बेहतर विकल्प के रूप में दिखाने में जुट गया है।

*निवर्तमान मेयर भोलू पासवान से है कई प्रत्याशियों की सीधी टक्कर मेयर पद के लिए प्रत्याशी हो रहे हैं गोलबंद*

2015 के चास नगर निगम चुनाव जब निर्दलीय आधार पर लड़ा जा रहा था तो निवर्तमान मेयर भोलू पासवान ने जीत हासिल की थी। उन्हें कुल 7705 वोट मिले थे तथा उन्होंने 5962 वोट से अपने निकटतम प्रत्याशी गोपाल मुरारका को हराया था, मेयर भोलू पासवान चास नगर निगम के पहले मेयर के रूप में 2015 में पदग्रहण किये थे। वहीं मेयर पद के लिए 42 पार्षदों में से उन्हें 52.7 फीसदी वोट निगम में वोटिंग के दौरान मिले थे। निगम का कार्यकाल खत्म होने के बाद से सबसे ज्यादा अगर किसी पद को लेकर बोकारो में सरगर्मी तेज है तो वह है चास निगम का मेयर पद। मेयर पद के लिए मूलरूप से ठेकेदार रहे बिनोद कुमार उर्फ खोपड़ी ने भी अपनी उमीदवारी ठोक दी है इस वजह से निगम चुनाव और भी रोचक हो हो गया है। ठेकेदार से समाजसेवी के भूमिका में आये बिनोद कुमार ने अबतक लाखों रुपये का राशन चास की जनता के बीच कोरोना काल में बांट दिया है।वहीं डिप्टी मेयर के पद पर रह चुके अविनाश कुमार भी मेयर पद के लिए आपने समर्थकों के साथ रणनीति बनाने ने जूट गए है। इस बार निगम चुनाव दलगत (पार्टी आधारित) होने जा रहा है इस लिए सभी प्रत्याशी राजनीतिक दलों के संपर्क में जुट गए हैं ताकि उन्हें राजनीतिक दलों के सिंबल पर चुनाव चिन्ह मिल सके। चास निगम क्षेत्र में लगभग 80 फीसदी हिन्दू आबादी है इस लिए लोगों की नजर भाजपा के मेयर प्रत्याशी पर टिकी हुई है। 2011 के सेन्सस रिपोर्ट के अनुसार चास निगम क्षेत्र की कुल आबादी 1,41,640 है इनमें हिंदू वोटरों की प्रतिशत 80.92 फ़ीसदी, मुस्लिम वोटरों की प्रतिशत 17.50 फ़ीसदी, ईसाई वोटरों की प्रतिशत 0.28 फीसदी, सिख वोटरों की 0.85 फीसदी, बुद्धिस्ट वोटरों की 0.02 फीसदी एवं अन्य 0.22 फीसदी है। चास में अधिक हिंदू वोटर होने के कारण इस बार निगम चुनाव  दलगत होने के कारण सबकी नजर भाजपा के मेयर प्रत्याशी पर रहेगी। भाजपा से मेयर प्रत्याशी की उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह के गुट बंदी जातिगत शुरू हो गई है जिसके परिणाम स्वरूप कई जातियों के प्रत्याशी अपनी जातियों का वोट बैंक का हवाला देते हुए भाजपा के प्रदेश कार्यालय में अपनी उम्मीदवारी का दावा ठोक रहे हैं तो वहीं स्थानीय विधायक श्री बीरेंच नारायण भी चास नगर निगम चुनाव के दौरान भाजपा के मेयर प्रत्याशी उम्मीदवार लिए किंग मेकर की भूमिका में नज़र आ रहे हैं।

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