अब करीब 4 महीने में ग्रामीण क्षेत्रों में तैयार होंगे प्रधानमंत्री आवास

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  • 2.95 करोड़ मकान बनाने का लक्ष्य
  • मार्च 2022 तक पूरा होने की उम्‍मीद

दैनिक झारखंड न्‍यूज

नई दिल्‍ली/रांची । झारखंड सहित देशभर के ग्रामीण इलाकों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले घर अब करीब 4 महीने में बनकर तैयार होंगे। सभी को 2022 तक घर उपलब्‍ध कराने के लिए इसकी अवधि को सरकार ने घटा दिया है। पहले इसके निर्माण के लिए लगभग एक साल का वक्‍त दिया गया था। योजना के अंतर्गत मार्च, 2022 तक 2.95 करोड़ घरों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक सभी मूलभूत सुविधाओं के साथ 2.95 करोड़ मकानों के निर्माण के लक्ष्य के साथ, 20 नवंबर, 2016 को प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) की शुरुआत की थी। तीन चरणों वाले सत्यापनों (सामाजिक आर्थिक जातिगत जनगणना 2011, ग्राम सभा और जिओ-टैगिंग) के माध्यम से इसके लाभार्थियों का चयन करना सुनिश्चित किया गया।

अब तक 1.10 करोड़ मकानों के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। इसमें पीएमएवाई-जी के अंतर्गत, 1.46 लाख भूमिहीन लाभार्थियों के आवास भी शामिल हैं। एनआईपीएफपी के अध्ययन में पीएमएवाई-जी के अंतर्गत बनने वाले घरों का निर्माण कार्य पूरा होने की औसत अवधि 114 दिन (करीब 4 महीने) बताया गया है। यह पहले 314 दिन (लगभग 1 साल) था। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा इंदिरा आवास योजना के अंतर्गत लगभग 72 लाख घरों के निर्माण का काम पूरा कर लिया गया है। अब तक 2014 से 182 लाख घरों का निर्माण कार्य पूरा किया गया है।

पीएमएवाई-जी विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के साथ तालमेल करने के साथ परिवारों के लिए बुनियादी आवश्यकताओं को भी पूरा करता है। मनरेगा के अंतर्गत गरीबों को ना केवल घर मिल रहा है, बल्कि 90-95 दिन तक का काम भी मिल रहा है। उनके मकानों को विद्युत मंत्रालय के मौजूदा योजना के अंतर्गत बिजली कनेक्शन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के अंतर्गत गैस कनेक्शन के अलावा स्वच्छ भारत मिशन/ मनरेगा के अंतर्गत घरों में शौचालय और जल जीवन मिशन के अंतर्गत नल कनेक्शन भी प्रदान किया जा रहा है। दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 1.82 करोड़ ग्रामीण परिवारों के लिए उनकी आजीविका का विकास करने और उनके लिए अनेक प्रकार के अवसरों का निर्माण करने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्यों के साथ मिलकर काम करने के साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय को यह विश्वास है कि मकानों के निर्माण को पूरा करने के विभिन्न चरणों में और मकानों के निर्माण को पूरा करने की गति में बढ़ोत्तरी के साथ वह पीएमएवाई-जी के अंतर्गत 2.95 करोड़ घरों के निर्माण के लक्ष्य को मार्च, 2022 तक प्राप्त करने में सक्षम होगा।

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