ऐसे तो 2023 में भी भारत का क्रिकेट वर्ल्ड चैम्पियन बनना मुश्किल

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दैनिक झारखंड न्यूज

नई दिल्ली । वर्ल्ड कप 2019 के सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया को न्यूजीलैंड के हाथों मिली हार भारतीय क्रिेकेट फैंस के दिमाग में कई दिनों तक रहेगी। सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक हर ओर बस इस बात की चर्चा हो रही है कि काश धौनी दो रन के चक्कर में नहीं पड़ते। जडेजा थोड़ी देर और टिक जाते। पंत थोड़ी समझदारी दिखाते। ये सभी बातें अब हम बस कर सकते हैं, जिस मौकै को टीम इंडिया ने खोया है वह अब दोबारा नहीं आएगा। इस हार को और वर्ल्ड कप को अब हमें भूलना होगा और 2023 की तैयारी करनी होगी। हालांकि 2023 की बिसात 2019 से भी कठिन होने वाली है.

ऐसा हम इसलिए क्योंकि 2023 के वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के पास महेंद्र सिंह धोनी जैसा दिग्गज नहीं होगा। बल्लेबाजी में जो दिग्गज हैं, वे अपने करियर के आखिरी पड़ाव पर होंगे। टॉप-3 के तीनों दिग्गज यानी रोहित शर्मा और शिखर धवन तो 36 साल पार कर चुके होंगे, वहीं कोहली भी 34 के हो चुके होंगे।

ये वो उम्र होती जब किसी भी बल्लेबाज की नजरें कमजोर हो जाती हैं। गेंद को पढ़ने की उसकी क्षमता कम हो जाती है। ये मामला हम युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग जैसे कई दिग्गजों के साथ देख चुके हैं। ऐसे में क्रिकेट फैंस इन तीनों ही खिलाड़ियों से ये उम्मीद नहीं कर सकते कि 4 साल बाद भी उनका ये सुनहरा दौर जारी रहेगा।

वहीं नंबर 4 की पहेली बीते 4 साल से नहीं सुलझी है। मौजूदा हालातों को देखते हुए लगता है ये पहेली 1 से 2 साल और जारी रहेगी, क्योंकि टीम इंडिया इस क्रम पर उस हर बल्लेबाज को उतार चुकी जिससे उसको अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। फिर चाहे वह अंबति रायडू, ऋषभ पंत, केदार जाधव, लोकेश राहुल, विजय शंकर, सुरैश रैना, मनीष पांडे ही क्यों न हों। भारतीय सेलेक्टर्स को नंबर 4 के लिए अब इन खिलाड़ियों से आगे देखना होगा। ऐसे बल्लेबाज को जगह देनी होगी, जिसके पास काबिलियत के साथ उम्र भी हो।

अब तक अपने करिश्माई खेल से टीम इंडिया को कई मैच में जीत दिला चुके पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भी वर्ल्ड कप 2023 में टीम का हिस्सा नहीं होंगे। क्रिकेट महकमे में चर्चा है कि धौनी कभी भी संन्यास ले सकते हैं। अगर धौनी अभी नहीं संन्यास लेते तो कुछ दिन बाद लेंगे, लेकिन हम ये उम्मीद नहीं कर सकते कि वो 2023 का भी वर्ल्ड कप खेलेंगे। क्योंकि तब 42 साल के हो चुके होंगे। ऐसे में टीम इंडिया को उनका रिपलेस्पमेंट ढूंढना भी एक चुनौती है।

इंग्लैंड की धरती पर जब कोहली की सेना ने कदम रखा था तब उसे खिताब का सबसे प्रबल दावेदार बताया जा रहा था। उसके पास बल्लेबाजी में रोहित शर्मा, शिखर धवन, खुद कप्तान कोहली, दिग्गज बल्लेबाज और विकेटकीपर महेंद्र सिंह धोनी थे। गेंदबाजी में दुनिया का नंबर एक गेंदबाज जसप्रीत बुमराह, स्विंग के मास्टर कहे जाने वाले भुवनेश्वर कुमार, अपनी घूमती गेंदों से दिग्गज बल्लेबाज को चकमा देने वाले कुलदीप यादव और युजवेंद्र चहल के रूप में स्पिनर थे। हालांकि 4 साल बाद 2023 में टीम इंडिया के पास ये ताकत नहीं होगी। अपनी सरजमीं पर कप पर कब्जा टीम इंडिया के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगी।

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