Corona Vaccine: स्वामी रामदेव का दावा : पतंजलि ने बना ली कोरोना की दवा, शत प्रतिशत कारगर

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दैनिक झारखंड न्‍यूज

उत्‍तराखंड । वैश्विक महामारी कोरोना के कहर के बीच योगगुरु बाबा रामदेव ने कोरोना की दवा बना लेने का दावा किया है। योगगुरु के अनुसार यह शत प्रतिशत कारगर है। इसके खाने से मरीज 7 दिनों में शत प्रतिशत ठीक हो जाता है। रिसर्च के दौरान इसका प्रभाव शत प्रतिशत देखा गया है। इसकी कीमत 600 रुपये रखी गई है। गरीब लोगों को इसे मुफ्त में उपलब्‍ध कराने की योजना भी है।

कोरोना वायरस महामारी की अब तक दुनिया में कोई दवा नहीं बनी है। इस बीच योगगुरु बाबा रामदेव की पतंजलि कंपनी का दावा है कि उसने कोरोना को मात देने वाली दवा तैयार कर ली है। यह जानकारी 23 जून को स्‍वामी रामदेव ने प्रेस को दी। उन्‍होंने कहा कि दुनिया इसका इंतजार कर रही थी कि कोरोना वायरस की कोई दवा निकले, आज हमें गर्व है कि कोरोना वायरस की पहली आयुर्वेदिक दवाई को हमने तैयार कर लिया है। इस आयुर्वेदिक दवाई का नाम कोरोनिल है।

शून्य फीसदी डेथ रेट

रामदेव बोले कि आज ऐलोपैथिक सिस्टम मेडिसन को लीड कर रहा है, हमने कोरोनिल बनाई है, जिसमें हमने क्लीनिकल कंट्रोल स्टडी की। सौ लोगों पर इसका टेस्ट किया गया। तीन दिन के अंदर 65 फीसदी रोगी पॉजिटिव से नेगेटिव हो गए। योगगुरु रामदेव ने कहा कि सात दिन में सौ फीसदी लोग ठीक हो गए। हमने पूरी रिसर्च के साथ इसे तैयार किया है। हमारी दवाई का सौ फीसदी रिकवरी रेट है। शून्य फीसदी डेथ रेट है। भले ही लोग अभी हमसे इस दावे पर प्रश्न करें, हमारे पास हर सवाल का जवाब है। हमने सभी वैज्ञानिक नियमों का पालन किया है।

पतांजलि स्‍टोर में मिलेगी दवा

योगगुरु ने कहा कि इस दवा को बनाने में सिर्फ देसी सामान का इस्तेमाल किया गया है। इसमें मुलैठी-काढ़ा समेत कई चीजों को डाला गया है। गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, श्वासरि का भी इस्तेमाल किया गया। आयुर्वेद से बनी यह दवा अगले सात दिनों में पतंजलि के स्टोर पर मिलेगी। इसके अलावा सोमवार को एक एप लांच किया जाएगा, जिसकी मदद से घर पर ये दवा पहुंचाई जाएगी।

कोरोनिल नाम दिया गया

पतंजलि के आचार्य बालकृष्ण ने दावा किया कि पतंजलि ने आर्युवेद की मदद से कोरोना वायरस को मात देने वाली दवा बना ली है। कोरोना की बीमारी जब से आई थी हम तभी से इस दवाई को लेकर प्रयास कर रहे थे, अब ये हमारा प्रयास सफल हो गया है। इसका नाम कोरोनिल रखा गया है।

पतंजलि का दावा है कि यह शोध संयुक्त रूप से पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट (PRI), हरिद्वार एंड नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (NIMS), जयपुर द्वारा किया गया है। दवा का निर्माण दिव्य फार्मेसी, हरिद्वार और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, हरिद्वार के द्वारा किया जा रहा है।

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